कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में दिल्ली एटीएस की कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। एटीएस ने स्थानीय पुलिस के साथ गांव में छापा मारकर वकार खान और उसकी बहन उरुज फातिमा को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दिल्ली एटीएस दोनों को अपने साथ दिल्ली ले गई। कार्रवाई के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं।
तीन दिन पहले हुई थी एटीएस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, दिल्ली एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ करीब तीन दिन पहले बारा गांव में कार्रवाई की थी। टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में वकार खान पुत्र असलम खान उर्फ कुइया और उसकी बहन उरुज फातिमा को हिरासत में लिया। दोनों को पूछताछ के बाद एटीएस अपने साथ दिल्ली ले गई।
अकबरपुर कोतवाली के प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि दिल्ली से आई एटीएस टीम वकार और उसकी बहन को पूछताछ के बाद अपने साथ दिल्ली ले गई है। दोनों को किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी जानकारी दिल्ली की टीम की ओर से स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई है।
विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए थे कई परिवार
बारा गांव के बुजुर्गों और जानकार लोगों के मुताबिक, देश के विभाजन के समय गांव के करीब एक दर्जन लोग अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद वे लोग दोबारा गांव नहीं लौटे। हालांकि, उनके परिवार और रिश्तेदारों में से कई लोग अभी भी बारा गांव में रहते हैं।
गांव में चर्चा है कि पाकिस्तान चले गए परिवारों के संपर्क में यहां रहने वाले कुछ लोगों के परिवार भी बने हुए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए भाई-बहन का इन लोगों से क्या संबंध है और एटीएस की कार्रवाई का वास्तविक कारण क्या है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं पाकिस्तान गए लोगों के नाम
विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए बारा गांव के कुछ लोगों की जमीनें अभी भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, शुरुआती वर्षों में इनमें से कई जमीनें खाली पड़ी रहीं। बाद में गांव की आबादी बढ़ने के साथ कुछ रिश्तेदारों और दूर के परिजनों ने इन जमीनों पर कब्जा कर लिया।
वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर शत्रु संपत्तियों की जांच कराई गई थी। इस जांच में पाकिस्तान चले गए बारा गांव के लतीफ अहमद खां, मोहम्मद अहमद खां, शराफत खां, जमील अहमद खां, असलम खां उर्फ मुन्नू, नियाज अहमद, अहमद खां, खालिक अहमद खां, पान बीबी, अशर्फुनिशा बेगम, असलम खां और जमील खां समेत कई लोगों के नाम पर जमीनें राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी।
सीतापुर के दो युवकों पर भी देशविरोधी गतिविधियों का आरोप
इसी बीच देशविरोधी और कथित चरमपंथी गतिविधियों से जुड़े एक अन्य मामले में यूपी एटीएस और कर्नाटक की कलबुर्गी पुलिस ने सीतापुर के दो युवकों को पकड़ा है। इनमें बिसवां के रामभारी गांव निवासी मोहम्मद समीर और सदरपुर के जाफरपुर निवासी सलमान शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक करीब आठ वर्षों से कर्नाटक के कलबुर्गी में रह रहे थे और एक बीफ निर्यातक कंपनी में मजदूरी करते थे।
मोबाइल की जांच में संदिग्ध संपर्क और सामग्री मिलने का दावा
कलबुर्गी पुलिस के अनुसार, दोनों युवक देशविरोधी और कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े कई सोशल मीडिया खातों को फॉलो कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि समीर के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पाकिस्तान के संदिग्ध आतंकियों से संपर्क और भारत विरोधी सामग्री सामने आई है।
मामले में कलबुर्गी के यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यूपी एटीएस की छापेमारी के दौरान समीर के कमरे से कुछ नक्शे भी मिले हैं। दूसरे संदिग्ध सलमान से भी पूछताछ की जा रही है।
केंद्रीय अपराध शाखा के अधिकारियों ने समीर के मोबाइल फोन की जांच के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल जांच एजेंसियां दोनों युवकों से पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।
