उत्तराखंड में उपनल कर्मियों के लिए बड़ा बदलाव: 60 साल तक सेवा, हर साल 27 छुट्टियां; धामी सरकार ने संशोधित अनुबंध किया जारी

देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए ‘समान कार्य, समान वेतन’ के तहत संशोधित अनुबंध पत्र जारी कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत अब इन कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतन संरचना और अवकाश व्यवस्था में अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

60 वर्ष तक संविदा आधार पर सेवा का प्रावधान
देहरादून: नए नियमों के अनुसार उपनल कर्मचारियों की नियुक्ति अब अस्थायी समायोजन के बजाय संविदा आधार पर की जाएगी, जिसे 60 वर्ष की आयु तक हर वर्ष नवीनीकृत किया जाएगा। इस बदलाव से कर्मचारियों को लंबे समय तक सेवा सुरक्षा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

साल में 27 छुट्टियों का लाभ
नए संशोधित अनुबंध के तहत कर्मचारियों को हर कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश और 15 उपार्जित अवकाश मिलेंगे। हालांकि उपार्जित अवकाश अगले वर्ष आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे अवकाश व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।

वेतन और भत्तों में भी बदलाव
संशोधित व्यवस्था में उपनल कर्मचारियों को न केवल वेतन मिलेगा, बल्कि महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रेच्युटी को कुल मानदेय का हिस्सा माना जाएगा, जिससे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभों में स्पष्टता मिलेगी।

पद आधारित संविदा नियुक्ति व्यवस्था
पुराने अनुबंध में विभिन्न श्रेणियों (अकुशल से अधिकारी स्तर तक) का अलग वर्गीकरण किया गया था, जिसे अब हटा दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती विभागीय पद की प्रकृति के आधार पर की जाएगी, जिससे प्रणाली को अधिक लचीला बनाया गया है।

सेवा विस्तार और सुरक्षा पर जोर
नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों को हर वर्ष सेवा विस्तार मिलेगा, जो 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु तक जारी रहेगा। साथ ही किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति में कर्मचारियों को नियमानुसार सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा।

सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और स्थिरता
कार्मिक विभाग के अनुसार यह संशोधित अनुबंध कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और स्थिर बनेगी।

 

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