बवाल स्टार्टअप! ना बड़े ऑफिस की ज़रूरत, ना करोड़ों की लागत

भारत में आज स्टार्टअप कल्चर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं। ₹20 लाख जैसी पूंजी में भी ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार किया जा सकता है जो मुनाफा, बाजार पकड़ और कस्टमर ग्रोथ तीनों में दम रखता हो। राज्यसभा 2026: VIP नेताओं की छुट्टी, सीटों पर सेटिंग कौन करेगा? सबसे हिट स्टार्टअप आइडिया — ₹20 लाख के अंदर आइडिया अनुमानित लागत संभावित मंथली प्रॉफिट ज़रूरी कौशल क्लाउड किचन ₹8–12 लाख ₹1.5–2 लाख खाना बनाना, डिलीवरी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी ₹5–7 लाख ₹1–1.5 लाख SEO, Ads, Copywriting कस्टम ज्वेलरी ब्रांड ₹10–15 लाख ₹1.5…

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राज्यसभा 2026: VIP नेताओं की छुट्टी, सीटों पर सेटिंग कौन करेगा?

2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की राजनीति का नया रंगमंच बनने जा रहे हैं। अप्रैल, जून और नवंबर में होने वाले इन चुनावों में 75 सीटें खाली होंगी। यानी बहुत सारे नेताओं का पॉलिटिकल ‘रिटायरमेंट पार्टी’ तय है, और कुछ की कुर्सी की तलवार लटक रही है। रेट्रो रिव्यू: शोले – जब सिनेमा गोली से नहीं, डायलॉग से चलता था कौन-कौन कहेंगे ‘टाटा-बाय बाय’? 1. कर्नाटक की कहानी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा 25 जून 2026 को रिटायर…

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रेट्रो रिव्यू: शोले – जब सिनेमा गोली से नहीं, डायलॉग से चलता था

1975 की इस महागाथा को ‘फिल्म’ कहना सूरज को दिया दिखाने जैसा है। ‘शोले’ कोई मूवी नहीं, बल्कि हमारे घरों की दीवारों पर टंगी हुई याद है। जय-वीरू की दोस्ती, ठाकुर की चुप्पी, और गब्बर का खौफ – सब कुछ इतना ज़िंदा है कि लगता है गब्बर अभी भी पूछ रहा है – “कितने आदमी थे?” तेजस्वी के बैठक में कांग्रेस बोली – ‘हमार टिकिया हमके ही चाही जय-वीरू ही असली ब्रोमांस थे बिना जैकेट पहने, बिना बाइक हेलमेट लगाए, रामगढ़ की गलियों में बाइक दौड़ाते जय और वीरू बॉलीवुड…

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तेजस्वी के बैठक में कांग्रेस बोली – ‘हमार टिकिया हमके ही चाही

बिहार में अब चुनावी मौसम शुरू हो चुकल बा, नेताजी लोग अब फिर से ‘लोकतंत्र के पराठा’ बेलत नजर आ रहल बा लोग। तेजस्वी यादव के बंगला शनिवार के सियासी धरमशाला बन गइल, जहाँ 6 घंटा तक नेतागण चाय-पकौड़ा संग सीट बंटवारा के ‘गंभीर’ मंथन करत रहलें। बेटी हत्यारिन निकली तो रिश्ता खत्म: सोनम के पिता कांग्रेस के परंपरा प्रेम – “जहाँ हम जीते, उहे सीट दे दीं!” कांग्रेस के मन में एगो अइसन भावना उपजल बा, जेहमें ऊ कह रहल बाड़ी कि “जहाँ हम पहले नंबर 2 रहल बानी,…

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बेटी हत्यारिन निकली तो रिश्ता खत्म: सोनम के पिता

राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में जहां पूरा देश सांसें थामे बैठा है, वहीं सोनम रघुवंशी के पिता ने सीधा और तीखा बयान देकर केस में नया मोड़ ला दिया है।उन्होंने दो टूक कह दिया— “जब तक मैं सोनम से मिलकर खुद बात नहीं कर लेता, यकीन नहीं कर सकता कि वही हत्यारिन है। अगर उसने जुर्म कबूला, तो सारे रिश्ते खत्म।” साफ है, बाप बेटी की नहीं, सच की तरफ खड़ा है। गहनों की वापसी और “दान वापस नहीं लेते” राजा के परिवार ने सोनम के मायके से…

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ग़ज़ा में बच्चों की मौत और संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी: मानवाधिकार सिर्फ टाइमपास?

बच्चों की चीखें, लेकिन संयुक्त राष्ट्र अब भी ‘मीटिंग मोड’ में! ग़ज़ा के अल-नुसेरत रिफ्यूजी कैंप में जब बच्चे पानी भरने गए और उन पर बम गिरा — 6 बच्चों समेत 10 लोग मारे गए।दुनिया की आंखें नम थीं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के प्रेस ऑफिस में शायद वीकेंड की छुट्टी थी। पानी भरने गए, ज़िंदगी गंवा बैठे: ग़ज़ा में 6 बच्चों की मौत मानवाधिकार आयोग की मानवता आउट ऑफ कवरेज UNHRC यानी मानवाधिकार का वो मठ, जहाँ अधिकारों की रक्षा सिर्फ काग़ज़ों और घोषणाओं में होती है।ग़ज़ा में बम स्कूलों पर…

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पानी भरने गए, ज़िंदगी गंवा बैठे: ग़ज़ा में 6 बच्चों की मौत

रविवार की सुबह ग़ज़ा के अल-नुसेरत रिफ्यूजी कैंप में एक टैंकर के पास पानी भरने के लिए खड़ी भीड़ पर इसराइली एयरस्ट्राइक में 6 बच्चों सहित 10 लोगों की मौत हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोग खाली केन लिए कतार में खड़े थे जब अचानक हमला हुआ — और अगले पल धरती खून से लाल हो गई। किताबों से संसद तक: मीनाक्षी जैन और सदानंदन मास्टर की नई पारी अस्पतालों में अफरा-तफरी, डॉक्टर भी हैरान मृतकों के शवों को अल-अवदा अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने 10 मौतों की पुष्टि की…

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किताबों से संसद तक: मीनाक्षी जैन और सदानंदन मास्टर की नई पारी

डॉ. मीनाक्षी जैन — इतिहास की कक्षा से संसद की गलियारों तक का सफर तय करने वाली वो विदुषी, जिनकी कलम से निकली किताबें अकादमिक जगत में तहलका मचा चुकी हैं।गर्गी कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहीं जैन का शोध भारतीय संस्कृति, मंदिरों के पुनर्निर्माण और उपनिवेशवाद पर केंद्रित रहा है। उनकी किताबों में ‘रामा एंड अयोध्या’, ‘सती’, और ‘द फ्लाइट ऑफ डिएटीज़’ जैसे शीर्षक न सिर्फ इतिहास के अध्याय खोलते हैं, बल्कि बहस भी शुरू कर देते हैं — और कुछ आलोचकों को नींद भी उड़ा देते हैं। 2020…

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‘Howdy Modi’ याद है? हर्षवर्धन श्रृंगला- “Howdy Sansad” कहने वाले हैं

मुंबई में जन्मे हर्षवर्धन श्रृंगला का सफर सरकारी गलियारों से होते हुए अब संसद तक पहुँच गया है। मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक किया। उनके पिता भी प्रशासनिक सेवा में थे — यानी सेवा परिवार की परंपरा रही है। मराठी नहीं आती? चलिए, लातों से सिखाते हैं!” – सड़क पर ट्यूशन सेंटर विदेशों की खाक छान चुके हैं! 1984 में IFS में भर्ती होने के बाद, श्रृंगला ने वियतनाम, इजराइल, फ्रांस, यूएन मिशन न्यूयॉर्क, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, बांग्लादेश और अमेरिका…

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मराठी नहीं आती? चलिए, लातों से सिखाते हैं!” – सड़क पर ट्यूशन सेंटर

महाराष्ट्र की राजनीति फिर से भाषाई सड़ांध से महक उठी है। पालघर के विरार इलाके में एक उत्तर भारतीय ऑटो ड्राइवर की ‘मैं मराठी नहीं बोलूंगा’ वाली लाइन उसे ‘लाठी-पाठशाला’ तक ले गई। वीडियो में साफ देखा गया कि कैसे मनसे और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने ऑटो ड्राइवर की भीड़ में बेइज्जती और पिटाई की — और हां, सबके सामने “मराठी में माफी” भी दिलवाई। वीडियो वायरल हो चुका है, इंसान की गरिमा नहीं।” ” यहां मराठी बोलो” – भीड़ का कानून ऑन कैमरा ड्राइवर कहता है — “मैं…

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