लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भी समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सपा के विधायक विधानसभा परिसर में पोस्टर और दान पर्चियां लेकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सरकार से पूरे मामले में पारदर्शी जवाब और जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई।
पोस्टर और नारों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शन में वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव, विधायक अतुल प्रधान और पूरे सत्र के लिए निष्कासित किए गए विधायक सचिन यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। सपा नेताओं और विधायकों ने ‘जनता का पैसा कहां गया’ और ‘बीजेपी के खाते में’ जैसे नारों वाले पोस्टर लहराते हुए सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार इस मामले में स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक उनका विरोध विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह जारी रहेगा।
शिवपाल यादव ने सरकार से मांगा जवाब
विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार को जनता के पैसों का पूरा हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होना जरूरी है क्योंकि जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
वहीं विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्षता के साथ सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने सरकार से जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
निष्कासित होने के बाद भी प्रदर्शन में पहुंचे सचिन यादव
सदन में हंगामे के आरोप में पूरे मानसून सत्र के लिए निष्कासित किए गए सपा विधायक सचिन यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सदन से बाहर किए जाने के बावजूद वह जनता के पैसों का हिसाब मांगने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पोस्टर में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जवाब मांगना उनका अधिकार है।
सपा ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब नहीं देती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी ने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग दोहराई। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में विधानसभा के आगामी दिनों में इस मुद्दे को लेकर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
