राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0′ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बैठक सम्पन्न
झांसी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाँसी कमलेश कच्छल के कुशल मार्गदर्शन में जनपद में संचालित ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज दीवानी न्यायालय परिसर में जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारियों की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अभियान के नोडल अधिकारी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट) नियाज़ अहमद अंसारी द्वारा की गई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव (सिविल जज सी.डि.) ईशा त्रिपाठी सहित दीवानी एवं ग्राम न्यायालयों के समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी नियाज़ अहमद अंसारी ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी अदालतों में लंबित शमनीय दाण्डिक वादों, पारिवारिक व वैवाहिक विवादों, भरण-पोषण, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), मोटर दुर्घटना दावा, बेदखली, बंटवारा तथा दीवानी एवं वाणिज्यिक विवादों को चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता केंद्र संदर्भित करें।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एक सशक्त, सर्वमान्य एवं त्वरित माध्यम है। इसमें दोनों पक्षों की जीत सुनिश्चित होती है, आपसी कटुता समाप्त होती है तथा समय और धन दोनों की बचत होती है। मध्यस्थता के माध्यम से हुए समझौते के विरुद्ध कोई अपील भी नहीं होती, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है। अतः न्यायालयों का यह प्रयास होना चाहिए कि उपयुक्त मामलों में वादकारियों को मध्यस्थता की महत्ता समझाते हुए उन्हें सुलह-समझौते के लिए प्रेरित किया जाए।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने मध्यस्थता अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रशिक्षित मध्यस्थों के माध्यम से वादों के निस्तारण की गति को और तेज किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी न्यायालयों से अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित समस्त न्यायिक अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने तथा मध्यस्थता के लिए अधिकतम मामलों को संदर्भित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
