उन्नाव। शुक्लागंज गंगाघाट क्षेत्र में पोनी रोड के चौड़ीकरण को लेकर दुकानदारों में आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए दुकानदारों और व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर सड़क के दोनों तरफ समान रूप से चौड़ीकरण न कराने का आरोप लगाया।
दुकानदारों का कहना है कि पोनी रोड के मुख्य प्रवेश द्वार पर सड़क की सीमा में एक मकान का कुछ हिस्सा बना हुआ है, लेकिन आरोप है कि विभाग द्वारा उसे नहीं हटाया गया। वहीं, दूसरी ओर सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों की दुकानों के छज्जे और शटर तोड़ दिए गए। इससे व्यापारियों में नाराजगी है।
गरीब दुकानदारों को परेशान करने का लगाया आरोप
व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत और पैसे के प्रभाव के चलते चौड़ीकरण की जद में आने वाले कुछ मकानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि छोटे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई सभी के लिए एक समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि चौड़ीकरण के लिए आठ मीटर का मानक निर्धारित किया गया है, तो पोनी रोड के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी इसी मानक के अनुसार सड़क का चौड़ीकरण कराया जाए। किसी भी व्यक्ति या दुकानदार के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
व्यापारियों ने समान कार्रवाई की मांग उठाई
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने विभाग से पूरे मार्ग पर निर्धारित मानकों के अनुसार कार्रवाई करने और कथित दोहरे मापदंड को दूर करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण विकास के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी एक वर्ग को ही नुकसान न उठाना पड़े।
इस दौरान धर्मेंद्र रस्तोगी, प्रदेश संगठन मंत्री उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन एवं जिला अध्यक्ष ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल, जनपद उन्नाव के साथ गौरव सिंह, रोहित सोनी, शिवांश सोनी, दिनेश वर्मा, आनंद अग्रवाल, पीयूष गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता, शिव प्रसाद गुप्ता, श्याम लोधी, मुन्ना सोनी, सत्यम वर्मा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने मांग की कि पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में पारदर्शिता बरते और निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी प्रभावित पक्षों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे।
