उन्नाव आगामी नवरात्रि,
दशहरा और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली, यातायात और मूर्ति विसर्जन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को संयुक्त रूप से दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और कमियों को समय रहते दूर किया जाए।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने, अराजक तत्वों पर नजर रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।वहीं, पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने मूर्ति पंडालों पर 24 घंटे पुलिस ड्यूटी सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने डीजे और मूर्तियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने तथा गंगा-जमुनी तहजीब के साथ सभी पर्वों को सकुशल संपन्न कराने पर जोर दिया। त्योहारों के दौरान आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम ने नगर निकायों को साफ-सफाई, चूना छिड़काव, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव, फॉगिंग, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और जर्जर तारों सहित संभावित खतरों को समय रहते दूर करने को कहा गया।
इसके अलावा, आवश्यक स्थानों पर एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए आमजन की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा बैठक में रामलीला आयोजकों, मूर्ति विसर्जन से जुड़े लोगों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भी अपने सुझाव रखे। जिलाधिकारी ने समस्याओं के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।कुल मिलाकर, नवरात्रि और दशहरा सहित आगामी त्योहारों को लेकर उन्नाव प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि अधिकारियों को दिए गए इन निर्देशों का धरातल पर कितना प्रभावी पालन होता है।
