लखनऊ (आबिर हैदर): ला मार्टिनियर कॉलेज, लखनऊ में युवा प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने के लिए दो बड़े आयोजन किए गए। कॉलेज के वार्षिक अंतर-विद्यालय उत्सव ‘कॉन्स्टेंटिया 2026’ में जहां 28 स्कूलों के करीब 1200 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, वहीं ‘ला मार्टिनियर मॉडल यूनाइटेड नेशंस’ (LMUN 2026) के 13वें सत्र में 35 से अधिक स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के लगभग 500 प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
कॉन्स्टेंटिया 2026 में 28 स्कूलों के छात्रों की भागीदारी
ला मार्टिनियर एक्स्ट्रा-करिकुलर ऑर्गनाइजेशन (LEO) की ओर से आयोजित कॉन्स्टेंटिया 2026 में शहर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को सांस्कृतिक, साहित्यिक, तकनीकी और व्यावसायिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इस उत्सव में छात्रों ने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, टीम भावना, संवाद कौशल तथा व्यावहारिक दक्षता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में साहित्य, प्रदर्शन कला, तकनीक, व्यवसाय, अर्थशास्त्र, संगीत, रंगमंच और अन्य रचनात्मक विधाओं को शामिल किया गया था। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा और हुनर को परखने का मौका मिला।
इस आयोजन में ब्राइटलैंड स्कूल, कैथेड्रल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, सिटी मोंटेसरी स्कूल (CMS) और जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल सहित कई संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

मॉडर्न एकेडमी बना कॉन्स्टेंटिया 2026 का विजेता
विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के बाद मॉडर्न एकेडमी लखनऊ ने कॉन्स्टेंटिया 2026 की ओवरऑल चैंपियनशिप अपने नाम की। वहीं, ला मार्टिनियर बॉयज़ कॉलेज, लखनऊ उपविजेता रहा। अलग-अलग श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और टीमों को भी सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में विजेताओं की उपलब्धियों की सराहना की गई। साथ ही प्रतियोगिता में शामिल सभी स्कूलों के प्रयासों को भी सम्मान दिया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति, शिक्षकों और छात्र स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही।
कॉन्स्टेंटिया 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजन आत्मविश्वास बढ़ाने, नई क्षमताओं को पहचानने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच आपसी संबंध मजबूत करने में मददगार साबित होते हैं।
LMUN 2026 में तीन दिनों तक चली कूटनीतिक बहस और चर्चा

ला मार्टिनियर कॉलेज में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मॉडल यूनाइटेड नेशंस (LMUN 2026) के 13वें सत्र का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों तथा वैश्विक विषयों पर गंभीर चर्चा की।
वर्ष 2013 में शुरू हुआ LMUN विद्यार्थियों को वैश्विक मुद्दों को समझने और उन पर अपने विचार रखने का मंच उपलब्ध कराता है। इसके जरिए छात्रों में कूटनीति, सार्वजनिक भाषण, तार्किक सोच और संवाद की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
इस वर्ष सम्मेलन में कुल 12 समितियां बनाई गई थीं। इनमें प्रतिनिधियों ने राजनयिकों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने विषयों पर शोध के आधार पर अपने तर्क प्रस्तुत किए, प्रस्तावों पर बातचीत की और सहमति बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
35 से अधिक संस्थानों के 500 प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
LMUN 2026 में देश और विदेश के 35 से अधिक स्कूलों तथा शिक्षण संस्थानों के करीब 500 प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें वाराणसी का सनबीम सनसिटी, अयोध्या का द कैम्ब्रियन और ओमान के मस्कट स्थित इंडियन स्कूल अल गुबरा प्रमुख रहे।
सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने विषयों पर गहन तैयारी, आत्मविश्वास और वैश्विक परिस्थितियों की समझ का परिचय दिया। विभिन्न समितियों में हुई चर्चाओं ने प्रतिभागियों को अलग-अलग दृष्टिकोण समझने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को जानने का अवसर दिया।
ला मार्टिनियर बॉयज़ कोलकाता को मिला सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधिमंडल का पुरस्कार
तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन पुरस्कार समारोह के साथ हुआ। इसमें ला मार्टिनियर बॉयज़ कोलकाता को सर्वश्रेष्ठ स्कूल प्रतिनिधिमंडल का खिताब दिया गया। इसके अलावा, अलग-अलग समितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
व्यक्तिगत श्रेणियों में प्रतिभागियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’, ‘स्पेशल मेंशन’ और ‘ऑनरेबल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन को सफल बनाने में सचिवालय, शिक्षकों, आयोजन समिति और छात्र स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
LMUN 2026 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से रखने का अवसर रहा। सम्मेलन ने युवाओं को वैश्विक घटनाओं के प्रति जागरूक, बेहतर वक्ता और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
