नागपुर: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। गडकरी ने कहा कि जनता बार-बार कांग्रेस को नकार चुकी है और पार्टी चाहे जितनी कोशिश कर ले, लोगों का भरोसा हासिल नहीं कर पाएगी।
राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- जनता आपको वोट नहीं देगी
नागपुर में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए गडकरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जितनी ताकत लगा लें, लोगों को गुमराह करें या झूठ फैलाएं, लेकिन देश की जनता उन्हें वोट नहीं देगी।
गडकरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार हमले कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस को चुनाव में जीत मिलती है, अंततः जनता उसे सत्ता से बाहर कर देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस नेताओं की भाषा पर भी आपत्ति जताई। खास तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं की टिप्पणियों को उन्होंने अनुचित बताया।
आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
गडकरी ने आपातकाल के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने उस समय लोगों के मौलिक अधिकार छीनने का पाप किया था। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लोगों को जेल में बंद किया गया और कई लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं।
उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने कभी देश में आपातकाल लगाया था, वही आज लोकतंत्र की रक्षा करने की बात कर रही है। गडकरी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि खरगे जैसे नेता प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर भी टिप्पणी कर रहे हैं। गडकरी के मुताबिक, लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस नेता बौखलाए हुए हैं।
निर्वाचन आयोग की छवि खराब करने का लगाया आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल करने और संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि संसद बहस करने और अपने विचार रखने का मंच है, लेकिन कांग्रेस बार-बार कार्यवाही में रुकावट डालकर यह दिखा रही है कि उसके मन में संसद के प्रति सम्मान नहीं है।
गडकरी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से फैलाए जा रहे कथित झूठे विमर्श और भ्रम को उजागर करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए कई कुर्बानियां दी हैं।
जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी किया जिक्र
गडकरी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के जनता पार्टी में विलय और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने के आंदोलन में भाजपा की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि 1975 में लोकतंत्र की हत्या की गई थी। उस दौरान संसद का इस्तेमाल संविधान को कमजोर करने के लिए किया गया और प्रधानमंत्री को कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाले प्रावधान भी किए गए थे।
उन्होंने दावा किया कि बाद में जनता पार्टी ने इन अलोकतांत्रिक प्रावधानों को खत्म कर लोकतंत्र की रक्षा की। गडकरी ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
वामपंथी विचारधारा और घुसपैठ को लेकर भी लगाए आरोप
गडकरी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि कुछ लोग वामपंथी विचारधारा के नाम पर अल्पसंख्यकों को खुश करने की राजनीति करते हैं। उन्होंने मतदाता सूचियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम शामिल कराने को बढ़ावा देने, नक्सलवाद को प्रोत्साहित करने और देश को बांटने की कोशिशों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी कथित अराजकता से बचाना जरूरी है।
