उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शुक्रवार शाम कानपुर-लखनऊ हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लखनऊ से कानपुर लौट रही स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में आग लग गई। बस में 60 बच्चे और तीन शिक्षक सवार थे। आग की लपटें तेज होने के बावजूद पुलिस, राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल की दो गाड़ियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के चलते कानपुर जाने वाली लेन पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
वाटर पार्क से लौट रहे थे बच्चे, रास्ते में लगी आग
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के कल्याणपुर स्थित गुरुनानक मॉडर्न स्कूल के 60 बच्चे लखनऊ के आनंदी वाटर पार्क घूमने गए थे। उनके साथ शिक्षक आदेश पटेल, विवेक अवस्थी और सत्येंद्र कटियार भी मौजूद थे। शुक्रवार शाम सभी एसी बस से कानपुर लौट रहे थे। बस उन्नाव के गदनखेड़ा इलाके में पहुंची, तभी उसके पिछले पहियों से चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बस की छत तक पहुंच गई।
तेज संगीत के कारण ड्राइवर तक नहीं पहुंची लोगों की चेतावनी
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हाईवे पर मौजूद महेश नाम के एक व्यक्ति ने बस में आग लगने की आशंका देखकर चालक को रुकने का इशारा किया। हालांकि, बस में तेज आवाज में संगीत बज रहा था, जिसके चलते चालक गुला सिंह को चेतावनी सुनाई नहीं दी। बताया गया कि चालक बिंदकी का निवासी है। बस आगे बढ़ती रही और पीछे से आ रहे पुलिसकर्मियों तथा बाइक सवार लोगों ने उसका पीछा शुरू कर दिया।
करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बाइक सवारों ने बस को ओवरटेक किया और गदनखेड़ा चौराहे के आगे रुकवाया। तब तक आग काफी फैल चुकी थी। स्थिति की गंभीरता सामने आते ही बस में चीख-पुकार मच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने तेजी से बच्चों, शिक्षकों और चालक को बाहर निकाला।
45 मिनट की मशक्कत के बाद बुझी आग, टायर फटने से मची अफरा-तफरी
बस में आग लगने की सूचना पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने करीब 10 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर लगभग 45 मिनट में आग पर काबू पाया। इस दौरान बस का पिछला टायर तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आग बुझाने और बचाव कार्य के दौरान किसी अन्य वाहन को नुकसान से बचाने के लिए पुलिस ने कानपुर जाने वाली लेन पर यातायात रोक दिया। स्थिति सामान्य होने और आग पूरी तरह बुझने के बाद रात करीब आठ बजे वाहनों की आवाजाही फिर शुरू कराई गई।
पुराने ब्रेक शू से आग लगने की आशंका, जांच शुरू
सीएफओ अनूप सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में बस के पिछले पहियों के ब्रेक शू पुराने पाए गए हैं। आशंका है कि व्यस्त यातायात के बीच ब्रेक लगाने से पैदा हुए घर्षण के कारण टायरों में आग लगी। इसके बाद हवा के संपर्क में आने से आग तेजी से फैल गई। तेज संगीत के चलते चालक राहगीरों की चेतावनी पर ध्यान नहीं दे पाया, जिससे बस को रोकने में देरी हुई।
पुलिस ने बस कब्जे में ली, दूसरे वाहन से कानपुर भेजे गए बच्चे
सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि राहगीरों और स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी बच्चे, तीनों शिक्षक और चालक सुरक्षित हैं। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद बच्चों और शिक्षकों को दूसरे वाहन से कानपुर भेजने की व्यवस्था की गई।
