बाराबंकी में बाढ़ का कहर बरकरार, 3,860 लोग बीमार; सरयू खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर

बाराबंकी: जिले में बारिश के साथ सरयू नदी की बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तीन तहसीलों के 19 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। करीब सात हजार ग्रामीण प्रभावित हैं, जबकि 3,860 लोग बुखार, त्वचा रोग, दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों से परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों का इलाज कर रही हैं। दूसरी ओर पानी कम होने के साथ कई इलाकों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है।

रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने 22 चिकित्सा टीमें गठित की हैं। इनमें से 11 टीमें फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अब तक 3,860 लोगों को दवाएं देकर उपचार किया जा चुका है। बाढ़ के कारण चारे का संकट पैदा होने से पशुओं पर भी असर पड़ा है। अब तक 393 पशुओं का उपचार किया जा चुका है।

बाढ़ पीड़ितों को बांटी गईं दो हजार राशन किट

रामसनेहीघाट तहसील के बाढ़ प्रभावित सेमरी, बसंतपुर, सिकरी जीवल के आंशिक क्षेत्र, उमरहरा और अतरसुईया गांवों में शनिवार को राहत सामग्री पहुंचाई गई। खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच दो हजार राशन किट वितरित कीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसी भी परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

फतेहपुर में सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर बारिश

शनिवार सुबह जिले में सबसे ज्यादा बारिश फतेहपुर तहसील क्षेत्र में दर्ज की गई। यहां 60 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा नवाबगंज में 51, रामनगर में 34, सिरौलीगौसपुर में 10 और हैदरगढ़ में सात मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह हुई बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्कूलों में बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी।

सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

एल्गिन ब्रिज पर शनिवार सुबह सरयू नदी का जलस्तर 106.180 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस तरह सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

कई इलाकों में तेजी से हो रहा कटान

पानी घटने के साथ कई इलाकों में जमीन कटने का खतरा सामने आया है। रामसनेहीघाट तहसील के खेता सराय और पठकनपुरवा मजरे टिकरी में कटान हो रहा है। रामनगर तहसील के पांडेयपुर मजरे बिछला और सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में टेपरा से सनावां के बीच खेतों की जमीन भी कट रही है। इससे बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

 

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