रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की अलग-अलग टीमों ने तड़के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समेत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के 10 ठिकानों पर एक साथ जांच शुरू की। करीब 16 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद रात करीब साढ़े दस बजे टीमें कई दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर लखनऊ लौट गईं।
रामपुर में छह ठिकानों पर हुई जांच-पड़ताल
बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ईडी की टीमें आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर पहुंचीं। रामपुर में छह स्थानों पर एक साथ जांच की गई। इनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, सीके एसोसिएट के निदेशक पवन कुमार जैन का गंगापुर आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास और ज्वाला पैलेस पीपल टोला स्थित कार्यालय शामिल रहे।
इसके अलावा सिविल लाइंस क्षेत्र में शौकत रोड स्थित इलाही मस्जिद के सामने ए एंड एस इंटरप्राइजेज तथा गंज कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड स्थित शाहीन खां के घर पर भी ईडी की टीमों ने जांच की। टीमों ने संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को खंगाला।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ी फर्मों की भी पड़ताल
सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान सीके एसोसिएट और अन्य फर्मों की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों का निर्माण कराया गया था। ईडी की कार्रवाई के दौरान इनसे जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की गई। करीब 16 घंटे तक चली पड़ताल के बाद रात लगभग साढ़े दस बजे ईडी की टीमें जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट और अन्य संबंधित ठिकानों से कुछ दस्तावेज लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
पांच साल पहले लखनऊ में दर्ज हुआ था मामला
आजम खां के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करीब पांच साल पहले ईडी ने लखनऊ में केस दर्ज किया था। इसके बाद 11 मई 2022 को ईडी की टीम रामपुर पहुंची थी। उस समय राजस्व टीमों के साथ जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों और जमीन की पैमाइश कराई गई थी।
जून महीने में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद जुलाई में ईडी ने पुलिस और प्रशासन से आजम खां के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था। इसके बाद से ही रामपुर में ईडी की अगली कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी।
आयकर विभाग ने 23 जून को ट्रस्ट का पंजीकरण किया था निरस्त
आयकर विभाग ने 23 जून को आय और व्यय का विवरण उपलब्ध नहीं कराने समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों के चलते मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। विभाग ने ट्रस्ट से वर्ष 2015 से 2020 तक की आय और व्यय का विवरण मांगा था। इसके साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन की खरीद, बुनियादी ढांचे और निर्माण पर खर्च की गई रकम से संबंधित साक्ष्य भी मांगे गए थे।
आयकर विभाग ने दान के नाम पर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये देने वाली 11 संदिग्ध फर्मों से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगा था। ट्रस्ट की ओर से विभाग से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया था, लेकिन मांगा गया पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
2022 में भी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची थी ईडी
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ईडी पहले भी रामपुर में जांच कर चुकी है। 11 मई 2022 को ईडी की टीम विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की प्रारंभिक पड़ताल के लिए रामपुर पहुंची थी। उस दौरान राजस्व विभाग की टीम के साथ यूनिवर्सिटी के भवनों और जमीन की पैमाइश कराई गई थी।
इसके बाद जून में आयकर विभाग की कार्रवाई और जुलाई में ईडी की ओर से पुलिस-प्रशासन से आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा मांगे जाने के बाद जांच आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही थी। बुधवार को हुई कार्रवाई इसी क्रम से जोड़कर देखी जा रही है।
