पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर कई बड़े ऐलान किए। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पहली बार मुख्यमंत्री के तौर पर ध्वजारोहण करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उच्चस्तरीय गुणवत्ता कमेटी बनाई जाएगी। वहीं परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में एक अलग कमेटी गठित की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी गुणवत्ता कमेटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को ज्ञान की भूमि माना जाता है और राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर है। पढ़ाई के तरीके और मूल्यांकन प्रणाली में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इसके लिए उच्चस्तरीय गुणवत्ता कमेटी गठित की जाएगी, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और उसमें सुधार के लिए जरूरी सुझाव देगी।
परीक्षा में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट जज की निगरानी
सम्राट चौधरी ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरें सामने आती हैं तो इससे दुख होता है। इसका सबसे ज्यादा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जिनका भविष्य और करियर परीक्षा के परिणाम से जुड़ा होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश के नेतृत्व में कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे और विद्यार्थियों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिल सके।
17 अगस्त से शुरू होगा विद्यार्थी सहयोग पोर्टल
मुख्यमंत्री ने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए छात्र अपनी समस्याओं और शिकायतों को सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी को अपने शिक्षण संस्थान, कोचिंग, हॉस्टल या किसी अन्य स्थान पर परेशानी होती है तो वह पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेगा। सरकार की ओर से उस समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई की जाएगी और 20 दिनों के भीतर शिकायत के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
2030 से पहले एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार का दावा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले राज्य के एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुलिस बल में युवाओं की भर्ती की जा रही है और खाली पड़े पदों की पहचान कर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही लड़कियों के स्कूलों और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस दीदी की तैनाती की जाएगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र का बजट बढ़ाया है और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मोकामा में बनेगा बालाजी तिरुपति मंदिर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने धार्मिक और पर्यटन से जुड़ा एक बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि पटना जिले के मोकामा में भगवान परशुराम मंदिर के पास बालाजी तिरुपति की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस परियोजना का निर्माण तिरुपति ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी।
