नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग का समर्थन करने पर शिरोमणि अकाली दल का स्वागत किया है। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में समान प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षण के साथ निष्पक्ष और समान परिसीमन की जरूरत पर भी जोर दिया। रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि शिरोमणि अकाली दल का यह रुख शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पहले कायम की गई मिसाल के बाद सामने आया है।
‘फैसले का दिल से स्वागत करता हूं’
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर किरेन रिजिजू अलग-अलग दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सिलसिले में वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बातचीत कर चुके हैं। अब शिरोमणि अकाली दल के समर्थन के बाद रिजिजू ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया।
रिजिजू ने कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल के इस महत्वपूर्ण फैसले का दिल से स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें समान प्रतिनिधित्व देने के लिए निष्पक्ष एवं समान परिसीमन सुनिश्चित करते हुए सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
SAD ने महिला आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। बैठक में संसद के सामने मौजूद कई महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने देश में महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों को लेकर पार्टी की सोच सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित है।
बादल ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करके पहले ही उदाहरण पेश कर चुकी है।
परिसीमन पर भी SAD की साफ मांग
महिला आरक्षण के साथ शिरोमणि अकाली दल ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी का कहना है कि परिसीमन इस तरह होना चाहिए कि किसी भी राज्य के हित प्रभावित न हों और सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिले।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि संसद के सामने मौजूद प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के बाद पार्टी ने निष्पक्ष और समान परिसीमन की मांग की है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था में किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होना चाहिए।
सभी राज्यों की सीटें 50 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन
शिरोमणि अकाली दल ने सभी राज्यों की सीटों की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के सरकार के प्रस्ताव का भी समर्थन किया है। पार्टी का कहना है कि सीटों में बढ़ोतरी का ऐसा फॉर्मूला होना चाहिए, जिससे किसी राज्य के साथ भेदभाव न हो।
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने सरकार की ओर से रखे गए सभी राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन किया है। पार्टी ने महिला आरक्षण और परिसीमन दोनों को तत्काल लागू करने पर जोर दिया है।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके लागू होने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
दिए गए विवरण के मुताबिक, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में गिर गया, क्योंकि मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की संवैधानिक आवश्यकता पूरी नहीं हो सकी। इस विधेयक में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के साथ लोकसभा के लिए परिसीमन का प्रस्ताव भी शामिल था।
SAD के रुख से फिर गरमाया महिला आरक्षण का मुद्दा
शिरोमणि अकाली दल के समर्थन के बाद महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। SAD जहां महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग कर रही है, वहीं परिसीमन में सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार की भी बात कर रही है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने SAD के रुख का स्वागत करते हुए महिला आरक्षण और निष्पक्ष परिसीमन को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का अहम विषय बना रह सकता है।
