लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नई पीढ़ी यानी Gen Z को उद्यमिता की ओर बढ़ाने के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के तहत संचालित ‘सीएम युवा’ और ‘यूथ अड्डा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए वित्तीय सहायता, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव का पूरा तंत्र तैयार किया गया है।
Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया यूथ अड्डा
सरकार के अनुसार यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र की बजाय एक समग्र उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए बिजनेस आइडिया तैयार करने से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सरकार का कहना है कि इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा केवल किसी सरकारी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि नए अवसरों का आकांक्षी बनकर आगे बढ़ता है। दावा किया गया है कि यूथ अड्डा की सेवाएं विशेष रूप से Gen Z की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं।
कॉलेज से ही उद्यमिता की ओर बढ़ाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दौरान ही होनी चाहिए। इसी सोच के तहत यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है।
इसके तहत छात्रों को यह सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है कि वे डिग्री पूरी करने के बाद केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि किसी समस्या का समाधान खोजकर अपना उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ें।
नई तकनीकों का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
सरकार ने भविष्य की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल उपकरणों से जुड़े प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की है। इसका उद्देश्य युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है।
व्यवसाय शुरू करने से विस्तार तक मिलेगा मार्गदर्शन
यूथ अड्डा के तहत केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि व्यवसाय के पूरे सफर में युवाओं को सहयोग देने की व्यवस्था की गई है। इसमें बिजनेस प्लान तैयार करना, परियोजना रिपोर्ट बनाना, बैंक ऋण प्राप्त करना, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, व्हाट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम कम करने के लिए 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ग्रामीण युवाओं और महिला समूहों पर भी विशेष ध्यान
सरकार की योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में यूथ अड्डा के माध्यम से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं तक अवसर पहुंचाने की है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन में सहयोग देने के साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।
2027 तक पांच लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
यूथ अड्डा को पूरे वर्ष सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला और कॉलेज आउटरीच जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम और फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
यूपीकॉन निभा रहा अहम भूमिका
इस पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के मजबूत मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को सफल उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
