Weather Update: दिल्ली से गुजरात तक बारिश का कहर, यूपी में 19 मौतें; आज 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली: देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में जलभराव, भूस्खलन, सड़क धंसने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से हालात बिगड़ गए हैं। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार, 10 जुलाई को दिल्ली सहित 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

यूपी में बारिश और वज्रपात से 19 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से जुड़े हादसों में 19 लोगों की जान चली गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। गाजियाबाद में घर के बाहर जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची और नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की जान चली गई। वहीं पूर्वांचल के चार जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से सात लोगों की मौत हुई।

मौसम विभाग ने लखनऊ समेत प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में शुक्रवार और शनिवार के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से थमी रफ्तार

गुरुवार तड़के हुई तेज बारिश ने दिल्ली-एनसीआर में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा। दिल्ली के भोगल अंडरपास में पानी भरने से एक बीएमडब्ल्यू कार फंस गई। ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में पेड़ गिरने से एक कार और ई-स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई।

गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित वसुंधरा सेक्टर-13 में करीब 15 फीट सड़क धंसने से एक कार उसमें समा गई। कई आवासीय सोसायटियों में जलभराव के कारण 200 से अधिक वाहन खराब होने की सूचना है। इंदिरापुरम के ज्ञानखंड इलाके में बारिश के दौरान ट्रांसफॉर्मर में करंट उतरने से एक चौकीदार की मौत हो गई।

उत्तराखंड और हिमाचल में भी हालात गंभीर

उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण 84 से अधिक संपर्क मार्ग भूस्खलन से बंद हो गए हैं। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने के चलते नौकायन रोक दिया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई स्थानों पर आंशिक रूप से प्रभावित है। मौसम को देखते हुए राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। किन्नौर जिले में करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया।

गुजरात और महाराष्ट्र में भी बारिश का असर

गुजरात के सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई। बाढ़ जैसे हालात के बीच करीब 3,900 लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। वहीं पुणे में इमारत ढहने की घटना में मलबे से एक शव बरामद किया गया है। अब तक नौ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि छह से सात लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।

अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के पास पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में भारी बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। बिजनौर और सहारनपुर के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिजनौर में सबसे अधिक 306 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

 

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