नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही एक अहम मुलाकात हो सकती है। खास बात यह है कि यह बैठक न भारत में होगी और न ही अमेरिका में, बल्कि फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता आमने-सामने आ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक रणनीतिक समीकरणों के लिहाज से इस संभावित मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी।
फ्रांस में होगा G7 शिखर सम्मेलन
जानकारी के मुताबिक, इस साल G7 देशों की बैठक फ्रांस के एवियन-लेस-बेंस में आयोजित की जाएगी। यह सम्मेलन 15 जून से 17 जून तक चलेगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले ही आधिकारिक निमंत्रण दे चुके हैं। ऐसे में पीएम मोदी का फ्रांस दौरा लगभग तय माना जा रहा है।
G7 में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
बताया जा रहा है कि इस बार G7 सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अपराध जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा ईरान से जुड़े हालात भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप व्यापार और वैश्विक आर्थिक रणनीति पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि G7 बैठक में किसी बड़े औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे, बल्कि इसका मकसद वैश्विक मुद्दों पर आम सहमति बनाना होगा।
फरवरी में मैक्रों ने दिया था न्योता
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इसी साल फरवरी में भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
बाद में भारत स्थित फ्रांस दूतावास ने भी पीएम मोदी के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि G7 सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है।
क्या है G7 समूह?
G7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित और औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस मंच का हिस्सा होता है।
दुनिया की बड़ी आर्थिक और रणनीतिक नीतियों को लेकर G7 की बैठकों को काफी अहम माना जाता है।
