पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म क्या है, जिससे हुई प्रतीक यादव की मौत? जानें कैसे अचानक थम जाती हैं सांसें और दिल की धड़कन

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद उनकी मौत का कारण स्पष्ट हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (Massive Pulmonary Thromboembolism) की वजह से हुई, जिसमें फेफड़ों की मुख्य नस में खून का बड़ा थक्का जम जाता है और शरीर की ऑक्सीजन सप्लाई अचानक बंद हो जाती है।

क्या होता है पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म?

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति है। इसमें शरीर की किसी नस, अक्सर पैर की नस में, खून का थक्का बनता है जो रक्त प्रवाह के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाता है। वहां यह थक्का फेफड़ों की मुख्य धमनियों को ब्लॉक कर देता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है। नतीजतन दिल पर अचानक दबाव बढ़ता है और कुछ ही मिनटों में कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स की स्थिति बन जाती है, यानी दिल और सांस दोनों एक साथ बंद हो सकते हैं।

ऐसी स्थिति में नहीं मिलता संभलने का समय

डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति इतनी तेजी से विकसित होती है कि मरीज को संभलने या डॉक्टर को बुलाने तक का मौका भी नहीं मिल पाता। कई मामलों में व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाता है और तत्काल उपचार न मिलने पर जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

किचन में गिरकर बेहोश हुए प्रतीक यादव

जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह अपने घर के किचन में बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों में अफरा-तफरी मचने के बाद तत्काल सिविल अस्पताल को सूचना दी गई। डॉक्टरों की टीम उनके घर पहुंची, लेकिन तब तक उनकी पल्स नहीं मिल रही थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5:55 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम में दो घंटे चली जांच, कोई बाहरी चोट नहीं

छह डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पाया गया कि फेफड़ों की मुख्य नस में बड़ा खून का थक्का जमा था, जिसे मौत का प्रमुख कारण बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। सभी चोटें अगर कहीं थीं भी तो वे मृत्यु से पहले की बताई गई हैं।

पोस्टमार्टम के दौरान हृदय और अन्य विसरा को सुरक्षित रखकर आगे की जांच के लिए भेजा गया है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

 

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