शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड के तार यूपी से जुड़े, बदायूं पहुंची बंगाल पुलिस

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

West Bengal के सीएम Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या अब सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं रही। इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच अब Uttar Pradesh तक पहुंच गई है।

देर रात पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम अचानक Budaun पहुंची, जिससे स्थानीय पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान मिले मोबाइल कॉल डिटेल और तकनीकी इनपुट ने इस केस के तार यूपी से जोड़ दिए हैं।

बदायूं पहुंची बंगाल पुलिस, फिर संभल के लिए रवाना

जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में सीधे बदायूं पहुंची थी। हालांकि बाद में पता चला कि जिस इलाके में टीम को दबिश देनी थी, वह अब Sambhal जिले में आता है। दरअसल गुन्नौर क्षेत्र पहले बदायूं का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद उसे संभल जिले में शामिल कर दिया गया। पुराने रिकॉर्ड और लोकेशन इनपुट के कारण बंगाल पुलिस पहले बदायूं पहुंच गई।

SSP से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल पुलिस टीम ने बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि टीम ने हत्या से जुड़े मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी भी स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ साझा की।

इसके बाद टीम देर रात ही संभल जिले के लिए रवाना हो गई, जहां संदिग्धों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।

मोबाइल लोकेशन ने खोले नए राज

जांच एजेंसियों के मुताबिक इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में मोबाइल ट्रैकिंग सबसे बड़ा सुराग बनकर सामने आई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड में कुछ संदिग्ध नंबरों की लोकेशन संभल के गुन्नौर क्षेत्र में मिली थी। इसी के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने यूपी में दबिश की कार्रवाई शुरू की। सूत्रों का दावा है कि SIT इस केस को “सुपारी किलिंग” के एंगल से भी जांच रही है।

कई राज्यों में चल रही है छापेमारी

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस लगातार कई राज्यों में दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और संदिग्ध नेटवर्क के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि अब तक यूपी में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी फिलहाल मामले पर ज्यादा जानकारी देने से बच रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में भी मचा बवाल

यह मामला सिर्फ क्राइम इन्वेस्टिगेशन नहीं, बल्कि राजनीतिक तूफान भी बन चुका है। Suvendu Adhikari पहले ही इस हत्या को “सोची-समझी साजिश” बता चुके हैं। भाजपा लगातार इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेर रही है। वहीं बंगाल की राजनीति में इस केस ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब बंगाल से निकलकर अंतरराज्यीय जांच का मामला बन चुका है। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों ने यूपी कनेक्शन को और मजबूत कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बंगाल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के आरोपियों तक पहुंच पाएगी या यह मामला और बड़े राजनीतिक विस्फोट में बदलने वाला है।

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