ED की रेड! मंत्री संजीव के घर छापा CM बोले- BJP की चाल नहीं चलेगी

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

Punjab की राजनीति में उस वक्त बड़ा धमाका हो गया जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कैबिनेट मंत्री Sanjeev Arora से जुड़े परिसरों पर छापेमारी शुरू कर दी। चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है।

जैसे ही ED की टीम पहुंची, मामला सीधे राजनीतिक टकराव में बदल गया। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इसे BJP की “राजनीतिक साजिश” बताते हुए खुला हमला बोल दिया।

चंडीगढ़ से दिल्ली-NCR तक ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत यह कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में कुल चार परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

इनमें मंत्री के रूप में आवंटित सरकारी आवास भी शामिल बताया जा रहा है। ED की टीम के साथ CISF और CRPF के जवान भी मौजूद रहे, जिससे पूरे इलाके में हाई-वोल्टेज माहौल बन गया।

राजनीतिक गलियारों में इस रेड को पंजाब की राजनीति में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

CM मान का सीधा हमला — “पंजाब झुकेगा नहीं”

ED की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक साल में यह तीसरी बार है जब ED संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है और एक महीने में दूसरी बार, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला।

मान ने भावनात्मक और राजनीतिक दोनों अंदाज में कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे “औरंगजेब भी नहीं झुका सका।” उन्होंने दावा किया कि पंजाब BJP और ED के “गलत गठबंधन” को खत्म कर देगा।

यानी यह मामला अब सिर्फ जांच एजेंसी की कार्रवाई नहीं, बल्कि सीधा राजनीतिक नैरेटिव बन चुका है।

विपक्ष का पलटवार — “सब पकड़े जाएंगे”

जहां आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहा है।

शिरोमणि अकाली दल के नेता Bikram Singh Majithia ने सोशल मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा — “सब पकड़े जाएंगे।”

उन्होंने दावा किया कि लगभग 20 गाड़ियों के काफिले के साथ ED की टीम मंत्री आवास पहुंची थी। मजीठिया ने “करेंसी रेन” और “करेंसी एक्सचेंजर” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सीधे भ्रष्टाचार के आरोपों की तरफ इशारा किया।

पंजाब में क्यों बढ़ रही है राजनीतिक गर्मी?

पंजाब में आने वाले समय में राजनीतिक मुकाबला और आक्रामक होने वाला है। एक तरफ आम आदमी पार्टी खुद को केंद्र की एजेंसियों के निशाने पर बता रही है, वहीं विपक्ष इसे “भ्रष्टाचार पर कार्रवाई” का नाम दे रहा है।

ऐसे में ED की यह रेड सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि चुनावी narrative war का हिस्सा भी बनती दिखाई दे रही है।

AAP बनाम BJP की नई लड़ाई

पिछले कुछ महीनों में देश के कई राज्यों में ED और CBI की कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है।

अब पंजाब में हुई यह रेड भी उसी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। AAP इसे “दबाव की राजनीति” बता रही है, जबकि भाजपा खेमे का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है।

फिलहाल ED की तलाशी कार्रवाई जारी है और एजेंसी की तरफ से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन इतना तय है कि इस रेड के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है। आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक मंचों और चुनावी भाषणों का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

संजीव अरोड़ा के घर ED की रेड ने पंजाब की राजनीति में नया विस्फोट कर दिया है। जहां AAP इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं  विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहा है। अब नजरें ED की अगली कार्रवाई और पंजाब सरकार के अगले राजनीतिक जवाब पर टिकी हैं।

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