योगी और RSS की 2.5 घंटे की बंद कमरे की मीटिंग में क्या पका?

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

बिहार की राजनीति में अचानक आई उथल-पुथल ने देश की सियासत को हिला दिया है। 10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अब राजनीतिक हलकों में नई हलचल शुरू हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। करीब ढाई घंटे तक चली यह बैठक पूरी तरह बंद कमरे में हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

हिंडन एयरबेस से सीधे बैठक स्थल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दौरे पर थे। गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे उनका स्टेट प्लेन हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ।

इसके बाद उनका काफिला सीधे नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा, जहां RSS के मेरठ प्रांत के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस प्रांत में मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल शामिल हैं।

बंद कमरे में क्या हुई चर्चा?

जानकारी के अनुसार बैठक में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर चर्चा हुई आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति। सरकार और संगठन के बीच समन्वय। जमीनी स्तर पर प्रशासनिक फीडबैक। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने संघ पदाधिकारियों से सीधे सरकार के कामकाज पर फीडबैक लिया। साथ ही संघ की ओर से कई सुझाव भी दिए गए।

अस्पताल, स्कूल और थानों की व्यवस्था पर सवाल

बैठक में केवल चुनावी रणनीति ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा हुई। संघ पदाधिकारियों ने सरकार को कई अहम सुझाव दिए सरकारी अस्पतालों का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना। स्कूलों में मानव संसाधन बढ़ाना। पुलिस थानों में भ्रष्टाचार पर सख्ती। सूत्र बताते हैं कि इन मुद्दों पर काफी देर तक गंभीर चर्चा चली।

बैठक के बाद साथ में भोजन भी

राजनीति में संकेत अक्सर औपचारिक बयानों से ज्यादा इशारों से समझे जाते हैं। बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने RSS पदाधिकारियों के साथ भोजन भी किया। यह केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले समय की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा हो सकती है।

कौन-कौन रहे मौजूद?

इस बैठक में करीब 40 संघ पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी। प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह। क्षेत्र संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक। क्षेत्र प्रचारक महेंद्र। प्रांत प्रचारक अनिल सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सियासी गलियारों में क्यों बढ़ी चर्चा

बिहार की ताजा राजनीतिक हलचल के बीच उत्तर प्रदेश में हुई यह बैठक कई सवाल खड़े कर रही है। “जब सियासत शांत दिखती है, तभी सबसे ज्यादा रणनीति पक रही होती है।” और फिलहाल यूपी की राजनीति में यही माहौल दिखाई दे रहा है।

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