
Cricket world में अगर U-Turn diplomacy का कोई स्थायी सदस्य है, तो वो Pakistan ही है। भारत के खिलाफ T20 World Cup मैच के बहिष्कार को लेकर जो हाई-वोल्टेज ड्रामा पिछले हफ्तों से चल रहा था, उसका अंत वैसा ही हुआ जैसा अक्सर होता है—धमकी खत्म, मैच पक्का।
अब officially तय है कि 15 फरवरी को Salman Agha की टीम India के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
PM का ‘Non-Negotiable’ स्टैंड… जो Negotiable निकला
कुछ दिन पहले PM Shehbaz Sharif ने पूरे जोश में कहा था— “India के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे।”
सरकारी X handle से इसे non-negotiable बताया गया। लेकिन पाकिस्तान में बयान पत्थर की लकीर नहीं, बल्कि whiteboard marker की तरह होते हैं—जैसे ICC ने ban और funding रोकने की बात की, वैसे ही स्टैंड dissolve हो गया।
Mohsin Naqvi की शेखी और Army Card
PCB Chief और Home Minister Mohsin Naqvi ने पत्रकारों से कहा, “हम धमकियों से नहीं डरते, हमारे Field Marshal Asim Munir हैं।”
Cricket issue में सेना प्रमुख का नाम घसीटना ही बताता है कि PCB कितनी desperate स्थिति में है। विडंबना देखिए—चंद घंटों बाद वही सरकार हाथ जोड़कर मैच खेलने को तैयार।
ICC का हंटर: Lahore में लिखी गई Script
असल मोड़ आया 8 फरवरी को, जब ICC ने Bangladesh को बाहर कर Scotland को मौका दिया। यह signal था—“No compromise on tournaments.”
ICC Vice-President Imran Khwaja के Lahore पहुंचते ही Pakistan ने demands की झड़ी लगा दी, Revenue share बढ़ाओ। India-Pakistan bilateral शुरू कराओ। No-Handshake controversy खत्म कराओ।
ICC का जवाब short था: No match, no money, no cricket.

‘दोस्तों की गुजारिश’ वाला Face-Saving Formula
सीधी हार मानने से बचने के लिए एक नई कहानी लॉन्च हुई, “कुछ friendly countries ने request की।” असलियत यह है कि डर ICC funding freeze और global isolation का था, दोस्ती का नहीं।
फितरत वही, तारीख नई
Asia Cup हो या World Cup—pattern same है पहले boycott की धमकी, फिर negotiation, फिर मजबूरी का U-Turn। Shehbaz Sharif और Mohsin Naqvi ने मिलकर Pakistan Cricket को global embarrassment बना दिया है।
अब सवाल सिर्फ इतना है, मैदान पर Team India इस हेकड़ी का क्या हाल करती है?
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