
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर उत्सुकता अब चरम पर है। सवाल एक ही है— सैलरी कितनी बढ़ेगी? पेंशन में कितना इजाफा होगा?
इस पूरे गणित की चाबी एक शब्द में छुपी है— Fitment Factor।
नई दिल्ली में खुला 8th Pay Commission का ऑफिस
सरकारी गलियारों से आई सबसे बड़ी खबर यह है कि नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक ऑफिस स्थापित कर दिया गया है।
यह साफ संकेत है कि सरकार अब सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि एक्शन मोड में आ चुकी है। फाइलें टेबल पर हैं, और सैलरी का कैलकुलेटर ऑन हो चुका है।
25 फरवरी 2026: कर्मचारियों के लिए ‘D-Day’
कर्मचारी संगठनों (JCM और अन्य यूनियन्स) ने अपनी रणनीति लगभग फाइनल कर ली है। 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में एक महा-बैठक होने जा रही है। यही वो दिन होगा जब तय होगा कि सरकार के सामने कितनी सैलरी हाइक की मांग रखी जाएगी।
बैठक का एजेंडा क्या रहेगा?
इस हाई-लेवल मीटिंग में एक Joint Memorandum तैयार किया जाएगा, जिसमें फोकस होगा:

1. Fitment Factor & Minimum Salary
- फिटमेंट फैक्टर कितना हो?
- न्यूनतम वेतन कितने हजार से शुरू हो?
2. Service Conditions
- Allowances में बदलाव
- Working hours
- Retirement benefits & pension structure
आयोग को सौंपी जाएगी ‘Final Demand List’
बैठक के बाद सभी मांगों को एक औपचारिक रिपोर्ट के रूप में 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। यहीं से आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जो आगे चलकर केंद्रीय कैबिनेट तक पहुंचेंगी।
कर्मचारियों के लिए इसका मतलब क्या है?
सीधे शब्दों में समझें तो— सैलरी हाइक की दिशा तय हो चुकी है। पेंशनर्स को भी सीधा फायदा मिलेगा। 1 जनवरी 2026 से नए वेतनमान लागू होने की तैयारी।
बस अब सवाल यह है— फिटमेंट फैक्टर कितना दमदार होगा?
कर्मचारी बोले— “महंगाई दौड़ रही है”
सरकार बोली— “कमेटी बैठ रही है”
अब देखना है कि फाइल तेज चलेगी या तारीखें।
