
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब भारतीय वायुसेना (IAF) का एक ट्रेनी विमान अचानक हवा में बैलेंस खो बैठा और शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा।
यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जहां तेज धमाके जैसी आवाज सुनते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
क्रैश से पहले पैराशूट से छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान के क्रैश होने से ठीक पहले उसमें सवार दोनों पायलटों ने पैराशूट से छलांग लगा दी। दोनों पायलट तालाब में गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बाहर निकाला। किसी को गंभीर चोट नहीं आई। एक बड़ा हादसा होते-होते सेकेंड्स में टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या देखा?
एक चश्मदीद ने बताया— “हम स्कूल कैंपस में थे, अचानक रॉकेट जैसी आवाज आई। दौड़कर पहुंचे तो देखा तालाब के दलदल में दो लोग फंसे थे और पास ही विमान पड़ा था।”
स्थानीय लोगों की तत्परता ने रेस्क्यू को और तेज कर दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। इलाके को बैरिकेड कर दिया गया है और विमान को तालाब से बाहर निकालने का काम जारी है।

IAF की शुरुआती जानकारी
वायुसेना के अनुसार यह एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट था। उसमें दो पायलट सवार थे। दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी खराबी या बैलेंस फेलियर—इस पर विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
शहर के बीच गिरा विमान, सवाल भी उठे
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घनी आबादी वाले इलाकों के ऊपर ट्रेनिंग फ्लाइट्स कितनी सुरक्षित हैं?
हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई आम नागरिक हताहत नहीं हुआ।
हवा में संतुलन बिगड़ा, लेकिन पायलटों का हौसला नहीं। विमान तालाब में उतरा, वरना शहर किसी और सुर्खी में होता।
सबरीमाला में ‘श्रद्धा पर हाथ साफ’! अब ED ने संभाली कमान
