रिव्यू: फिल्म फ्लॉप, गाने टॉप! ‘प्रेम पुजारी’ का संगीत आज भी हर दिल अज़ीज़

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

1970 में रिलीज़ हुई ‘प्रेम पुजारी’ देव आनंद की डायरेक्टोरियल डेब्यू थी। फिल्म में उन्होंने न सिर्फ़ डायरेक्शन किया बल्कि स्क्रिप्ट लिखी और खुद हीरो भी बन गए — मतलब one-man army

लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये था कि ऑडियंस ने फिल्म को देखा ही नहीं!
जी हां, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, मगर इसका संगीत ऐसा चला कि आज भी हर लव प्लेलिस्ट में “फूलों के रंग से” और “शोखियों में घोला जाए” बजता ही है।

रोमांस, देशभक्ति और स्पाई थ्रिलर का मिक्स मसाला

लेफ्टिनेंट रामदेव बख्शी (देव आनंद) का सपना था कि वो वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर बने, लेकिन बन गए आर्मी मैन — क्योंकि बाबूजी का सपना!
राम को प्यार हो जाता है सुमन (वहीदा रहमान) से। लेकिन तभी देश को ज़रूरत पड़ती है और उन्हें बॉर्डर पर भेज दिया जाता है। अब twist आया – राम जी ने युद्ध लड़ने से मना कर दिया। बोले, “Non-violence is my style!”
जेल गए, फिर भागे, फिर स्पाई बने, फिर बीजिंग घूम आए, और फिर जेम्स बॉन्ड बनकर देश को चीनी राज़ दिलवा दिए।

और एंड में – देशभक्ति पूरी, प्यार सच्चा, शादी पक्की।

जब फिल्म हिट न हो, तो गाने ही फिल्म बचाते हैं!

अब बात करें एस.डी. बर्मन के जादुई संगीत की, जिसने फिल्म को फ्लॉप होने के बावजूद, “म्यूजिकल मास्टरपीस” बना दिया। गीतकार नीरज के लिखे गीतों में इतनी मिठास और उर्दू-हिंदी की खूबसूरती थी कि आज भी रेडियो पर यही गूंजते हैं।

Iconic Songs Playlist:

गाना गायक टाइप
“फूलों के रंग से” किशोर कुमार Poetry in motion
“शोखियों में घोला जाए” किशोर-लता Flirty romance
“रंगीला रे तेरे रंग में” लता मंगेशकर Soulful fusion
“प्रेम के पुजारी हम हैं” एस.डी. बर्मन Self-advertisement in tune
“ताक़त वतन की हमसे है” रफ़ी, मन्ना डे Patriotic punch

जब अमरीश पुरी सिर्फ़ एक्स्ट्रा थे!

मूवी में देव आनंद और वहीदा रहमान के अलावा शत्रुघ्न सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, मदन पुरी, ज़ाहिदा जैसे चेहरे थे। और हां! एक सीक्रेट फैक्ट — अमरीश पुरी ने स्पेन के चर्च में गुर्गे की भूमिका निभाई थी।
कौन जानता था कि यही गुर्गा आगे चलकर “मोगैम्बो खुश हुआ!” बोलकर इतिहास रच देगा!

स्विट्ज़रलैंड का रोमांस, शिरडी की सादगी

फिल्म की शूटिंग स्विट्ज़रलैंड में की गई थी, जहां Grimsel Hotel में रोमांस परोसा गया। वहीं गांव के सीन्स महाराष्ट्र के शिरडी के पास अस्तगाँव में शूट हुए — देसी और विदेशी का प्यारा कॉम्बो।

Flop Movie, Iconic Legacy!

‘प्रेम पुजारी’ एक ऐसी फिल्म रही जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन इसके गानों ने ज़माने को झुमा दिया। देव आनंद के लिए डायरेक्शन की शुरुआत भले डगमगाई हो, पर उन्होंने सिनेमा को कुछ बेमिसाल गाने जरूर दिए।

अगर कभी किसी ने कहा कि “फिल्म फ्लॉप है”, तो बस “फूलों के रंग से” सुना दो, जवाब खुद मिल जाएगा।

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