
West Bengal में विशेष पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया Election Commission of India और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत की गई।
1 जनवरी 2026 को क्वालिफाइंग डेट माना गया यानी जो नागरिक इस तारीख तक 18 साल के हो चुके थे, वे मतदाता बनने के पात्र हैं।
कितने नाम हटे, कितने बचे?
संशोधन के बाद कुल 5,46,053 नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। अब राज्य में कुल 7,04,59,284 मतदाता हैं।
- पुरुष: 3,60,22,642
- महिला: 3,44,35,260
- थर्ड जेंडर: 1,382
लोकतंत्र की गिनती में हर अंक की अपनी कहानी होती है।
संशोधन का मकसद: सफाई या सियासत?
इस विशेष अभियान का घोषित उद्देश्य था सभी पात्र नागरिकों को शामिल करना। मृतक, डुप्लिकेट या स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं को हटाना। 100% फिजिकल वेरिफिकेशन। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने घर-घर जाकर फॉर्म इकट्ठे किए। मतलब इस बार “डेटाबेस अपडेट” सचमुच पैदल चलकर हुआ।
पहले क्या स्थिति थी?
27 अक्टूबर 2025 तक कुल मतदाता संख्या थी 7,66,37,529। ड्राफ्ट सूची (16 दिसंबर 2025) में यह घटकर 7,08,16,630 रह गई। इस दौरान 58,20,899 फॉर्म नहीं मिले—कारणों में शामिल रहे:
- मृत्यु
- स्थानांतरण
- डुप्लिकेट एंट्री
- प्रशासनिक कारण
लोकतंत्र की एक्सेल शीट में भी कभी-कभी “डिलीट” बटन दबाना पड़ता है।

कौन सा फॉर्म किस काम का?
- नया नाम जोड़ने के लिए: Form 6 / 6A (1,82,036 आवेदन)
- सुधार या ट्रांसफर के लिए: Form 8 (6,671 आवेदन)
- नाम हटाने के लिए: Form 7 (5,46,053 आवेदन)
जो नागरिक 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2026 को 18 साल के होंगे, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
नाम कैसे चेक करें?
मतदाता अपना नाम चेक कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट (voters.eci.gov.in)
- ECINET मोबाइल ऐप
- संबंधित BLO से संपर्क कर
संशोधित सूची सभी मतदान केंद्रों और निर्वाचन कार्यालयों में उपलब्ध है।
वोटर लिस्ट का Detox
बंगाल की राजनीति में गर्मी हमेशा रहती है, लेकिन इस बार लिस्ट ने भी “डिटॉक्स” कर लिया। कुछ नाम गए, कुछ जुड़े, और लोकतंत्र ने फिर से अपनी Attendance Sheet अपडेट कर ली। अब असली सवाल ये नहीं कि कितने नाम हटे सवाल ये है कि जिनका नाम है, वे वोट डालने आएंगे भी या नहीं?
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