‘हम बंटे थे, इसलिए कटे थे’, अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला; बोले- ‘राम-राम जपने वाले कालनेमियों को पहचानना होगा’

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए देश की एकता और विपक्ष की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला। 14 अगस्त के संदर्भ में 1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।” उन्होंने कहा कि भारत के पास गुलामी के दौर में बल, बुद्धि और वैभव की कमी नहीं थी, बल्कि सबसे बड़ी कमी एकता और एक दिशा में मिलकर आगे बढ़ने की थी।

‘एकता की कमी के कारण देश को भुगतना पड़ा नुकसान’

अयोध्या में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले 1526 में आज के संभल में श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर वहां गुलामी का ढांचा खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय लोग एकजुट हुए होते तो संभवतः दो वर्ष बाद 1528 में अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर को क्षतिग्रस्त करने का दुस्साहस कोई नहीं करता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातनियों के पास बल, बुद्धि और वैभव की कभी कमी नहीं रही। कमी थी तो केवल एकता की और एक स्वर में एक दिशा में साथ चलने की। उन्होंने कहा, “हम बंटे थे और इसीलिए तो कटे थे।”

सीएम योगी ने 14 अगस्त 1947 का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी से ठीक एक दिन पहले केवल हिंदू और सिख ही नहीं कटे थे, बल्कि भारत भी कट गया था। उन्होंने कहा कि इतिहास से सबक लेते हुए एकता को सबसे बड़ी ताकत के रूप में समझना होगा।

‘पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर विपक्ष मौन क्यों?’

मुख्यमंत्री योगी ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं की हत्या का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वहां मारे जाने वाले हिंदुओं में बड़ी संख्या दलित समुदाय के लोगों की है, लेकिन भारत में कुछ राजनीतिज्ञ ऐसी घटनाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते।

उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली किसी घटना को लेकर हाय-तौबा मचाने वाले नेता पाकिस्तान और बांग्लादेश में होने वाली घटनाओं पर एक शब्द तक नहीं बोलते। मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त 1947 के विभाजन के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने का सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय सत्ता हासिल करना ही प्राथमिकता बन गया था और देश की जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं था।

सीएम योगी ने कहा कि आज परिस्थितियां भले ही बदल गई हों, नाम और चेहरे बदल गए हों, लेकिन कार्यपद्धति वही दिखाई देती है, जिसे 15वीं सदी में देखा गया था।

‘संभल और अयोध्या की तस्वीर अब बदल चुकी है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज जातिगत और आपसी विवादों में उलझा रहा, जिसका फायदा उठाकर तीर्थस्थलों पर कब्जे हुए और उनके धार्मिक स्वरूप को बदलने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि आज संभल की स्थिति बदल चुकी है और वहां अब दंगा नहीं, बल्कि शांति और सौहार्द है।

अयोध्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब यहां वीरानगी जैसी स्थिति रहती थी और शहर बिजली के लिए तरसता था। उन्होंने कहा कि अयोध्या की संकरी गलियों और गंदगी के कारण इसकी पहचान प्रभावित हुई थी। सरयू के घाटों की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां जल में गंदगी और काई जमा रहती थी और श्रद्धालु किसी तरह स्नान करके बाहर निकलते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या पूरी तरह बदल चुकी है और उसका स्वरूप एक बार फिर त्रेता युग की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या को देखकर लगता है कि यह वास्तव में अयोध्या है।

‘राम-राम जपने वाले कालनेमियों को पहचानना होगा’

विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग आज राम-राम जपते हुए कालनेमी के रूप में लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानना होगा और उनसे सतर्क रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को राम भक्त घोषित कर राम भक्तों के चेहरों पर धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों के प्रति सावधान रहने की अपील की।

सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के एक नेता के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें सपा की सरकार आने पर कंस की मूर्ति लगाने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सोच ही कंस की हो तो इससे ज्यादा उम्मीद क्या की जा सकती है। उन्होंने कहा कि श्री वृंदावन बिहारी की कृपा से इसके बाद उस नेता को हमेशा के लिए विदा कर दिया गया।

 

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