UP में 24 घंटे का धमाकेदार सत्र! Vision 2047 से लेकर विपक्ष के वार तक…

महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 2025 सोमवार से एक नई राजनीतिक हलचल के साथ शुरू हो चुका है। इस सत्र का मुख्य आकर्षण है “विकसित भारत 2047” के विजन डॉक्यूमेंट का मसौदा और 24 घंटे का ऐतिहासिक विशेष सत्र।

Vision 2047: सरकार का फ्यूचर ब्लूप्रिंट

13 अगस्त की सुबह 11 बजे से 14 अगस्त की सुबह 11 बजे तक 24 घंटे का विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें योगी सरकार अपना Vision 2047 Draft पेश करेगी। इसमें सभी मंत्री अपने-अपने विभागों का विकास रोडमैप साझा करेंगे।

यह उत्तर प्रदेश विधानसभा के इतिहास में दूसरी बार है जब 24 घंटे का सत्र हो रहा है। इससे पहले गांधी जयंती 2019 पर 36 घंटे का सत्र हुआ था।

बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट पर अध्यादेश

इस सत्र में मथुरा के प्रसिद्ध बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट से संबंधित एक अहम अध्यादेश भी पेश किया जाएगा। इससे मंदिर प्रशासन और व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव संभव है।

विपक्ष की मांग और आरोपों की बौछार

सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह वर्तमान मुद्दों से भाग रही है, जबकि प्रदेश में 24 से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। साथ ही 5,000 से अधिक स्कूलों का मर्जर, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर भी विपक्ष आक्रामक है।

“सरकार Vision की बात कर रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत की अनदेखी कर रही है।” – संग्राम सिंह यादव

सत्र में रखे गए विधायक प्रस्ताव

सपा विधायकों के प्रस्ताव:

  • डॉ. रागिनी सोनकर – आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को संविदा पर लाने की मांग

  • सचिन यादव – जसराना में मिनी इंडस्ट्रियल एरिया

  • अतुल प्रधान – फलावदा में डिग्री कॉलेज

  • अनिल प्रधान – चित्रकूट में डिग्री कॉलेज

  • पंकज पटेल – मुंगराबाद शाहपुर में महिला कॉलेज

  • समरपाल सिंह – अमरोहा में सड़क निर्माण

भाजपा और निष्कासित विधायकों के प्रस्ताव:

  • जवाहरलाल राजपूत – झांसी में राजकीय कॉलेज

  • अनिल कुमार त्रिपाठी – मेहंदावल को नगर पालिका का दर्जा

  • मनोज पांडेय – ऊंचाहार की जर्जर सड़कों का सुधार

  • पल्लवी पटेल – सिराथू में डिजिटल लाइब्रेरी

डिप्टी CM केशव मौर्य का नाम लिस्ट से गायब

बीजेपी विधानमंडल दल के ऑफिस के बाहर लगी पदाधिकारी सूची से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का नाम गायब होना चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक गलियारों में इस पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

सिर्फ तीन दिन का प्रश्नकाल

11, 12 और संभवतः 14 अगस्त को ही प्रश्नकाल होगा। 13 अगस्त को विशेष सत्र होने के कारण प्रश्नकाल नहीं होगा

सरकार का जवाब: “हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार”

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “विपक्ष को हंगामा करना है, पर सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। Vision 2047 पर सबको बोलने का मौका मिलेगा।”

UP Assembly का यह मानसून सत्र राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक सभी दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण है। Vision 2047 से लेकर विपक्ष की घेराबंदी तक, यह सत्र उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

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