‘नया कॉलोनी राज’- पहले ईरान, फिर क्यूबा… ट्रंप का अगला निशाना तय?

आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)
आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Donald Trump का ताज़ा बयान वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। ट्रंप ने साफ कहा कि फिलहाल उनका फोकस Iran के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने पर है, लेकिन इसके बाद अगला मुद्दा होगा Cuba

अमेरिकी राजनीति के मंच से निकला यह बयान सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि दुनिया की बदलती ताकतों की कहानी भी सुनाता है।

पहले ईरान, फिर क्यूबा?

एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अभी पूरी तरह ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर केंद्रित है। उनका दावा है कि पहले इस विवाद को “सुलझाना” जरूरी है, उसके बाद क्यूबा के मुद्दे पर ध्यान दिया जाएगा। अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत पहले से चल रही थी, लेकिन मिडिल ईस्ट संकट ने प्राथमिकताएँ बदल दीं।

सीधे शब्दों में कहें तो वाशिंगटन की विदेश नीति इस समय “एक मोर्चा खत्म करो, फिर दूसरा खोलो” वाली रणनीति पर चलती दिख रही है।

क्यूबा पर पहले भी रहा सख्त रुख

Barack Obama के दौर में अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों में नरमी आई थी। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बहाल हुए और व्यापार के दरवाज़े खुलने लगे। लेकिन जैसे ही ट्रंप सत्ता में आए, तस्वीर पलट गई। अमेरिका ने क्यूबा पर आर्थिक पाबंदियाँ कड़ी कर दीं और उसे फिर से “स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म” की सूची में डाल दिया। इसका सीधा असर क्यूबा के टूरिज्म, बिजनेस और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ा।

अमेरिका की रणनीति या ‘नया कॉलोनी राज’?

अमेरिका फिर से दुनिया में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए “फ्रेंडली टेकओवर” जैसी रणनीति अपना रहा है। ये नया नया कॉलोनियल एप्रोच है जहां आर्थिक दबाव, सैन्य ताकत और राजनीतिक बातचीत के जरिए छोटे देशों पर प्रभाव बनाया जाता है। सवाल यही है क्या यह सुरक्षा नीति है, या वैश्विक शक्ति संतुलन को फिर से लिखने की कोशिश?

ईरान युद्ध की वजह से टली क्यूबा डील

अमेरिका और क्यूबा के बीच संभावित आर्थिक समझौते की बातचीत पहले चल रही थी। लेकिन जैसे ही मिडिल ईस्ट में संकट बढ़ा और Iran के साथ तनाव चरम पर पहुंचा, अमेरिका का पूरा ध्यान उसी दिशा में चला गया। अब वाशिंगटन का कहना है कि क्यूबा के साथ कोई भी बड़ा कदम तभी उठाया जाएगा जब ईरान से जुड़ा विवाद शांत हो जाएगा। लेकिन ट्रम्प “फ्रेंडली टेकओवर” का मन बना चुके हैं और जल्द ही एक और देश अमेरिका की गिरफ्त में होगा।

दुनिया किस दिशा में जा रही है?

आज की वैश्विक राजनीति में एक अजीब पैटर्न दिख रहा है एक संघर्ष खत्म नहीं होता कि दूसरा मुद्दा सामने आ जाता है। मिडिल ईस्ट से कैरिबियन तक फैली यह रणनीति साफ संकेत देती है कि आने वाले सालों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भी ज्यादा टकरावपूर्ण हो सकती है। और “अमेरिका धीरे-धीरे फिर उसी रास्ते पर बढ़ रहा है जिसे कभी कॉलोनी राज कहा जाता था।”

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