वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि या तो ईरान के साथ समझौता होगा या फिर अमेरिका अपना अभियान पूरा करेगा। ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बातचीत के जरिए समाधान निकालना है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका निर्णायक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने कहा, “हम किसी भी तरह जीतेंगे। या तो हम समझौता करेंगे या फिर अपना काम पूरा करेंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पहली पसंद सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि कूटनीतिक समाधान है, ताकि बड़े पैमाने पर लोगों पर असर न पड़े।
एक घंटे में बड़े हमले का किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका बेहद कम समय में ईरान के अहम ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि एक घंटे के भीतर पुलों को नष्ट किया जा सकता है और ऊर्जा आपूर्ति के साथ बड़े बिजली संयंत्रों को भी तबाह किया जा सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो कुछ ही घंटों में ईरान की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की आर्थिक स्थिति पहले जैसी नहीं रही है और अमेरिका ने उसे किसी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं दी है।
पहले भी शीर्ष नेतृत्व को लेकर कर चुके हैं बड़ा दावा
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले उन्होंने दावा किया था कि यदि अमेरिका चाहता तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में निशाना बनाया जा सकता था। उन्होंने कहा था कि उस समय कई वरिष्ठ अधिकारी एक स्थान पर मौजूद थे, लेकिन अमेरिका ने ऐसा कदम नहीं उठाया क्योंकि भविष्य में बातचीत की संभावना बनी रहनी चाहिए।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान पर ईरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में अमेरिका और ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों की हत्या की जा सकती है, लेकिन विचारों को समाप्त नहीं किया जा सकता। बयान में कहा गया कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बावजूद उनके विचार और प्रभाव जीवित रहेंगे।
कोम पहुंचा अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंच चुका है। सरकारी मीडिया ने हेलीकॉप्टर के जरिए पार्थिव शरीर को जमकरान मस्जिद लाए जाने के दृश्य प्रसारित किए। जानकारी के अनुसार अंतिम यात्रा कोम से आगे बढ़ेगी और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला भी ले जाया जाएगा।
