उन्नाव। साकेत धाम श्रीरामलीला मैदान में 154वें श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत आज सायं सात बजे अंगद-रावण संवाद एवं लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन हुआ। श्री बृजराज राजेश्वरी लीला संस्थान के संस्थापक स्वामी सुरेश ठाकुर बृजवासी के सानिध्य में होने वाली लीला में रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया।अंगद-रावण संवाद में अंगद लंकापति रावण को प्रभु श्रीराम की शरण में आने का संदेश देंगे।
वहीं, युद्ध के दौरान मेघनाद की शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते। लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा के लिए हनुमान जी द्रोणाचल पर्वत से संजीवनी बूटी युक्त पूरा पर्वत लेकर आए। संजीवनी के प्रभाव से लक्ष्मण को पुनः जीवन प्राप्त होता। इन प्रसंगों के माध्यम से प्रभु श्रीराम की मर्यादा, हनुमान जी के अद्भुत पराक्रम और भाई के प्रति लक्ष्मण-श्रीराम के प्रेम का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
रामलीला महोत्सव के प्रसंगों में प्रभु श्रीराम द्वारा रामेश्वरम में सेतुबंध स्थापना एवं पूजन का प्रसंग भी विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस प्रसंग में आचार्य के रूप में लंकापति रावण को आमंत्रित किया जाता है। रावण प्रकांड विद्वान होने के नाते सीता जी को साथ लेकर पूजा संपन्न कराता है।रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संजय राठी एवं महामंत्री शशांक अवस्थी ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीरामलीला के दर्शन करने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
