प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलाक के 30 दिन बाद दूसरी शादी करने वाली महिला को मासिक भरण-पोषण दिए जाने के फैमिली कोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि दूसरी शादी के बाद पत्नी भरण-पोषण की हकदार नहीं रहती। मामले में हाई कोर्ट ने झांसी के अपर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया है कि दूसरी शादी की जानकारी होने के बावजूद भरण-पोषण का आदेश किस आधार पर पारित किया गया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती…
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