डिजिटल सजा?” सुप्रीम फटकार- आरोपी की बेइज्जती पड़ेगी भारी

आजकल सोशल मीडिया पर ‘क्राइम कंटेंट’ सिर्फ खबर नहीं, तमाशा बन चुका है। हथकड़ी में आरोपी, घुटनों पर बैठा इंसान, रस्सियों से बंधा चेहरा… और पीछे चलता कैमरा। यह रिपोर्टिंग नहीं, ‘डिजिटल परेड’ है। और अब इस पर देश की सबसे बड़ी अदालत—Supreme Court of India—ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “यह डिजिटल अरेस्ट है” CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने साफ कहा— यह ट्रेंड “Digital Arrest” जैसा है। मतलब? कोर्ट के बाहर ही सजा। बिना ट्रायल, बिना फैसला—सीधा सोशल मीडिया पर ‘सार्वजनिक बेइज्जती’। कोर्ट का इशारा सिर्फ पुलिस…

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