दिल्ली की संसद ने बुधवार को ऐसा दृश्य देखा, जो शायद किसी स्क्रिप्ट राइटर ने भी नहीं लिखा होगा। एक तरफ विदाई की नमी थी, दूसरी तरफ तंज की गर्मी। और बीच में खड़ी थी भारतीय राजनीति—जहां हर इमोशन के पीछे एक ‘मैसेज’ छुपा होता है। विदाई का दिन: जब राजनीति ने थोड़ी इंसानियत दिखाई राज्यसभा में 37 सांसदों की विदाई सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी। यह वह पल था जब सालों की बहसें, आरोप-प्रत्यारोप और गठबंधन की खींचतान अचानक ‘रिस्पेक्ट मोड’ में चली गईं। Mallikarjun Kharge ने मंच संभालते…
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