दिल्ली के पॉश इलाके में 50 मिनट में एक जिंदगी खत्म हो गई। घर में भरोसा था, वहीं से मौत का रास्ता खुला। और वजह? एक खतरनाक लत… जिसने इंसान को हैवान बना दिया। ये सिर्फ मर्डर नहीं… सिस्टम, भरोसे और सुरक्षा की पोल खोलने वाली कहानी है। 50 मिनट का खौफ: प्लानिंग नहीं, प्रीडेटर का खेल Amar Colony में जो हुआ, वो अचानक नहीं था—यह एक ठंडी, सोची-समझी वारदात थी। आरोपी राहुल मीणा सुबह 6:30 बजे सोसाइटी में दाखिल होता है, 6:39 पर घर में घुसता है और 7:30 तक…
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