24 साल… और आखिर में सब बरी। इतना लंबा इंतजार… लेकिन सच फिर भी अधूरा रह गया। और सवाल वही—क्या न्याय हुआ या सिर्फ फैसला आया? यह सिर्फ एक केस का अंत नहीं…यह उस सिस्टम की कहानी है, जहां समय खुद गवाह बन जाता है। कोर्ट का फैसला: सबूत हारे, आरोपी जीते? Varanasi की अदालत ने बहुचर्चित टकसाल सिनेमा गोलीकांड में बड़ा फैसला सुनाया। Abhay Singh समेत सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया गया। कारण—साक्ष्यों की कमी और संदेह का लाभ। कोर्ट में सच वही होता है… जो साबित हो जाए।…
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“5 साल बाद बेल—हनी बाबू Finally Out, केस अभी भी ‘लंबी दौड़ का घोड़ा’!”
दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू को आखिरकार बॉम्बे हाई कोर्ट से ज़मानत मिल गई. जी हाँ, वही Bhima Koregaon वाला हाई-प्रोफाइल केस जिसमें हर बार कुछ नया मोड़ आ जाता है—लेकिन ट्रायल? वो तो अब भी शुरू होने को तैयार नहीं! 2022 में कोर्ट ने उनकी बेल याचिका ठुकरा दी थी, लेकिन अब समीकरण बदले हैं, और पांच साल से ज़्यादा जेल में बिताने के बाद उन्हें राहत दी गई है. कैसे न मिलती! पाँच साल में तो लोग किताबें लिख डालते हैं, ये बेचारे अभी ट्रायल की…
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