श्रीनगर: इस वर्ष की श्री अमरनाथ जी वार्षिक तीर्थयात्रा केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक नई मिसाल बन रही है। संबंधित अधिकारी और वेस्ट मैनेजमेंट विशेषज्ञ मिलकर इसे देश की पहली ‘जीरो-लैंडफिल’ तीर्थयात्रा बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाला एक भी ग्राम कचरा लैंडफिल तक न पहुंचे और उसे पूरी तरह संसाधन में बदला जाए। कचरे को बनाया जा रहा संसाधन यात्रा के दौरान उत्पन्न ठोस और जैविक कचरे का वैज्ञानिक…
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अमरनाथ यात्रा में बड़ा बदलाव! पॉलीथिन लेकर पहुंचे तो नहीं मिलेगी एंट्री, श्रद्धालुओं को फ्री में दिए जाएंगे कपड़े के थैले
जम्मू: इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने बड़े कदम उठाए हैं। यात्रा मार्ग पर पॉलीथिन बैग, थर्माकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि यात्रा के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छता प्रभावित न हो। यात्रा के दौरान बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से लेकर पवित्र गुफा तक किसी भी श्रद्धालु को पॉलीथिन बैग ले…
Read Moreहिमालयी राज्यों के लिए मिसाल बना उत्तराखंड, शहरी स्वच्छता मॉडल के रूप में चमके देहरादून, मसूरी, रुद्रपुर और लालकुआं
देहरादून: शहरी स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने एक नई पहचान बनाई है। हिमालयी क्षेत्रों में टिकाऊ और समावेशी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने ‘उत्तराखंड अर्बन सैनिटेशन कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन कर महत्वपूर्ण पहल की है। इस सम्मेलन में उत्तराखंड के चार शहरों को आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हें हिमालयी राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। चार शहर बने ‘लाइटहाउस सिटीज’ राजधानी देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान देहरादून, मसूरी, रुद्रपुर और लालकुआं को शहरी स्वच्छता एवं…
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