राजनीति से लेकर प्रशासन तक, शिक्षा से लेकर सुरक्षा और खेल से लेकर धर्मनगरी तक—उत्तर प्रदेश की आज की तारीख कई बड़े घटनाक्रमों की गवाह बनी।एक ओर हाईकोर्ट में स्कूल मर्जर को लेकर सरकार की खिंचाई हुई तो दूसरी ओर लखनऊ एयरपोर्ट के पास ऊंची इमारतों पर चला प्रशासन का बुलडोज़र।बीबीडी ग्रुप पर 100 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त, सपा सांसद पर कोर्ट का गैर-जमानती वारंट, और क्रिकेट प्रेमियों को झटका देते हुए भारत-बांग्लादेश वनडे सीरीज़ रद्द—इन सबके बीच राम मंदिर से सरयू रिवरफ्रंट को जोड़ने की तैयारी और मुख्यमंत्री…
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हिमाचल- बारिश आई, बहा ले गई सड़कें… सरकार आई, दे गई 5 हज़ार
हिमाचल प्रदेश की वादियाँ इन दिनों सिर्फ़ टूरिज़्म की सेल्फ़ी बैकग्राउंड नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आपदा का पोस्टर बन चुकी हैं।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुताबिक़, भारी बारिश के चलते अब तक 69 लोगों की मौत, 110 घायल, और 700 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सड़कों का नाम-ओ-निशान मिट चुका है, बिजली की लाइनें टूटकर उस लेवल पर आ गई हैं जहाँ सरकार की जवाबदेही अक्सर होती है – “डिस्कनेक्टेड”। गजब खलिहर लोग हैं! ढांचे से दिमाग तक गरम – मथुरा में अब जुबानी जंग जब मकान ढहें, सरकार…
Read Moreकर्ज़ में डूबे किसान और बयान में तैरते नेता – राहुल बनाम बीजेपी सीज़न 12
किसानों की आत्महत्या पर संसद में शोक कम और राजनीतिक शोर ज़्यादा देखने को मिला। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के किसानों के लिए दुख जताया और सरकार की आत्मा को झकझोरने की कोशिश की। बीजेपी को यह दुखद बयानबाज़ी नहीं, बल्कि घिनौनी राजनीति लगी। अब देखना ये है कि अगला टेलीविज़न डिबेट “कर्ज़ बनाम क्रोध” कब आता है। सपा ने BJP को आतंकी ठहराया, BJP बोली “साजिश है ये साजिश” राहुल का आँकड़ा-अटैक: 767 घर उजड़ गए! राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “तीन महीने में 767 किसानों की आत्महत्या……
Read Moreसियासत में ‘भाईचारा’ सिर्फ तब तक… जब तक कुर्सी चमक रही हो!
सियासत में दोस्ती वैसी ही होती है जैसे मोबाइल की बैटरी — जब तक फुल चार्ज है, सब कॉल कर रहे हैं। पर जैसे ही सत्ता की बैटरी डाउन हुई, तो वही लोग फोन उठाना भूल जाते हैं। नेताओं के साथ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है — “कुर्सी हो तो बंदगी, वरना बंद दरवाजे”। सिंदूर कप: सेना-11 ने मारी बाज़ी, मंच पर MLC-ADCP भिड़े कुर्सी गई, तो पहचान भी गई कभी मंच पर बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाने वाले लोग, अब व्हाट्सएप पर ब्लू टिक भी नहीं दे…
Read Moreस्टूडेंट्स की ऑनलाइन हाजिरी और दास्तानों का तड़का!
आजकल ख़बरें बस सूचना नहीं रहीं — वो किरदार बन चुकी हैं। कहीं स्कूल की हाजिरी ऑनलाइन हो रही है; कहीं रिंकल सिंह न्याय की मशाल लिए बैठी हैं तो कहीं दुल्हन तलवार (या चाकू) लेकर सुहागरात का नया पाठ पढ़ा रही है। ये खबरें सिर्फ घटनाएं नहीं हैं, ये समाज के एक्स-रे हैं — जिसमें राजनीति की हड्डियाँ, प्रशासन की नसें, और आम लोगों की धड़कनें साफ दिखाई देती हैं। जयराम रमेश का दावा: 11 साल से अघोषित आपातकाल। BJP का पलटवार आइए, इन सारी खबरों की नब्ज़ को…
Read Moreईरान-इसराइल युद्धविराम पर क़तर की चाय गरम, शांति का गर्मागर्म स्वागत!
जब दुनिया उम्मीद छोड़ बैठती है, तब डिप्लोमेसी चुपके से मीटिंग रूम में घुसती है — और अचानक शांति का ऐलान हो जाता है! ईरान और इसराइल, जो अब तक एक-दूसरे को ट्विटर और टैंकों से जवाब देते आ रहे थे, अब हथियारों की जगह “समझौता-पत्र” टाइप पेपर पर दस्तख़त कर चुके हैं।और इसी मौके पर क़तर, जो हमेशा से मिडिल ईस्ट के कूटनीतिक क्लास मॉनिटर की भूमिका निभाता आया है, ने इस युद्धविराम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करते हुए क़तर…
Read Moreभक्त खुश, दलाल पस्त! दिल्ली में कांवड़ के नाम पर ‘घोटाला लीला’ खत्म!
सावन का महीना शुरू होते ही जहां शिवभक्त ‘बोल बम’ की गूंज में डूब जाते हैं, वहीं कुछ ‘टेंडरबाज’ भी हर साल ‘बोल धन’ की तैयारी करने लगते थे। दिल्ली में कांवड़ यात्रा सिर्फ श्रद्धा का नहीं, बल्कि वर्षों से सेटिंग-बैठक और टेंडर-तिजोरी का खेल बन चुकी थी। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कह दिया — “भक्ति के रास्ते में अब भ्रष्टाचार की चप्पलें नहीं चलेंगी।” क्या ‘कथा’ भी अब जाति देखकर सुनाई जाएगी? टेंट आधे, बिल पूरे — अब नहीं चलेगा! हर साल कांवड़ शिविरों के…
Read Moreक्या ‘कथा’ भी अब जाति देखकर सुनाई जाएगी?
लखनऊ की एक गरम दोपहर और उससे भी गरम अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस। समाजवादी पार्टी के मुखिया ने भाजपा पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि बीजेपी अब भागवत कथा को भी राजनीतिक बैनर के नीचे लपेटना चाहती है। ट्रंप ने रोक दी गोली, ग़ज़ा में अब भी जारी ‘शांति से बमबारी’ क्या बीजेपी सच में लोकतांत्रिक है? अखिलेश का सवाल बहुत ‘नर्म’ था, लेकिन उसमें चुभन ज़्यादा थी, “क्या भारतीय जनता पार्टी वास्तव में लोकतांत्रिक है या बस चुनाव जीतने की मशीन बन चुकी है?” सवाल सीधा…
Read Moreसौहार्द में घाटा, नफ़रत में मुनाफ़ा! राजनीति का नया ‘IPO
कभी सोचिए, अगर समाज में सब लोग मिल-जुलकर रहने लगें, जात-पात भूल जाएं, एक-दूसरे की शादी में जाकर दही-बड़ा खाएं — तो बेचारे जातिवादी नेताओं का क्या होगा? जो “आपसी खाई” को पुल नहीं, मुद्दा मानते हैं। दरअसल, उनके लिए सौहार्द वही चीज़ है जो क्रिकेट में बारिश — खेल बिगाड़ देती है! सरकारी नौकरी की खनक: 12वीं पास भूलें नहीं, SSC CHSL है सबसे खास! नफ़रत की दुकान: खुलती सुबह, जलती रात राजनीति में अब किसी नेता का ‘विजन’ नहीं, सिर्फ ‘डिवीजन’ मायने रखता है। इनकी सुबह ‘जाति विशेष…
Read MoreVIP रूट पर हादसा! BJP विधायक फतेह बहादुर सिंह बाल-बाल बचे
गोरखपुर के कैंपियरगंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक फतेह बहादुर सिंह एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। हादसा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ, जब उनके काफिले की एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। भारत ने OIC में पाकिस्तान की कश्मीर टिप्पणी को किया खारिज हालत स्थिर, समर्थकों में चिंता सूत्रों के मुताबिक, हादसे में फतेह बहादुर सिंह को हल्की चोटें आई हैं। उनके साथ काफिले में मौजूद दो-तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी को पास के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।…
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