
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस समय हड़कंप मच गया जब गाजियाबाद के लोनी निवासी 65 वर्षीय रिटायर्ड फौजी सतबीर गुर्जर ने सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में जहर खा लिया।
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सतबीर गुर्जर की चिट्ठी में लगे सनसनीखेज आरोप – ‘कलश यात्रा से सरकार गिराने की साजिश’
इलाज के दौरान पुलिस को सतबीर गुर्जर के पास से एक पत्र मिला, जिसमें उन्होंने खुद को कारगिल योद्धा बताते हुए भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि विधायक ने अप्रैल में एक ‘षड्यंत्रकारी कलश यात्रा’ निकाली, जिसका मकसद योगी सरकार को गिराना था।
उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने इसका खुलासा किया, तो उनके ऊपर अत्याचार शुरू कर दिए गए।
‘नंदू टैक्स’ का आरोप – ‘रोज़ करोड़ों की वसूली’
पत्र में सतबीर ने खुलासा किया कि लोनी विधानसभा में ‘नंदू टैक्स’ नाम से अवैध वसूली हो रही है। उनका आरोप है कि प्रतिदिन करोड़ों रुपये की वसूली होती है और इसमें पार्टी के कुछ बड़े नेताओं की मिलीभगत भी है।
सतबीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “ईष्ट देव” कहते हुए अपनी जान को खतरा बताया और सुरक्षा की गुहार लगाई।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर का पलटवार – “यह आदमी अपराधी है”
जब मीडिया ने विधायक नंद किशोर गुर्जर से संपर्क किया, तो उन्होंने सतबीर को एक “अपराधी” और “फर्जी फौजी” बताया। उनका कहना है कि सतबीर हत्या के केस में जेल जा चुका है और फर्जी तरीके से आर्मी में भर्ती हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि सतबीर अपने भाई की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता है और उन्हें बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
क्या जनता दरबार अब ‘जनता ड्रामा’ बनता जा रहा है?
सतबीर गुर्जर की हरकत ने ना सिर्फ सीएम दरबार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।
जहां एक तरफ सत्ताधारी पार्टी के विधायक पर संगीन आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें राजनीतिक साजिश का शिकार बताया जा रहा है।

अब सवाल उठता है – कौन सही, कौन गलत?
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क्या सतबीर गुर्जर सच में सरकार गिराने की साजिश रोकने वाले योद्धा हैं?
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या फिर ये सब व्यक्तिगत दुश्मनी का सियासी रंग है?
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क्या जनता दरबार जैसी सीधी संवाद व्यवस्था में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिर से चिंतन जरूरी है?
“महुआ के बबुआ बनाम वोटर अधिकार वाले बाबुआ
