‘नमाज से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए…’, बकरीद से पहले CM धामी का बड़ा संदेश; तय स्थानों पर ही इबादत की अपील

हल्द्वानी: उत्तराखंड में बकरीद से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नमाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नमाज पढ़ने पर किसी तरह की रोक नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति को उससे असुविधा न हो। उन्होंने लोगों से तय स्थानों पर ही नमाज अदा करने की अपील की।

हल्द्वानी सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी समुदायों के लोग भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि खुले स्थानों पर नमाज पढ़ने से यदि किसी को परेशानी होती है तो उससे बचना चाहिए। चिह्नित और निर्धारित स्थलों पर नमाज पढ़कर व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों बनाए रखे जा सकते हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर सरकार अलर्ट मोड में

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की पूरी मशीनरी मैदान में उतरी हुई है। इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर क्षमता से अधिक भीड़ देखने को मिल रही है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पंजीकरण की तिथि के अनुसार ही यात्रा करें, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।

एक महीने में 20.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे

सीएम धामी ने जानकारी दी कि पिछले एक महीने में ही करीब 20.50 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में लगातार क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। वहीं हेमकुंड साहिब में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सड़कों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति के निर्देश

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता और यात्रियों की सुविधा के लिए सड़कें दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा बिजली विभाग को भी रोस्टर के मुताबिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली कटौती की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाए।

 

Related posts