CJP नेताओं से मुलाकात के बाद बोले जेपी नड्डा- सुबह 11:50 बजे से जारी है बातचीत, धरना खत्म करने की अपील

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पहली बार बातचीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ संवाद का प्रस्ताव सोमवार सुबह आया, जिसके बाद सुबह 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई। उन्होंने बताया कि चर्चा सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील की गई।

पहले मौखिक चर्चा, फिर सौंपी गई लिखित याचिका

जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर बैठक की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ पहले विस्तृत मौखिक चर्चा हुई। इसके बाद शाम करीब चार बजे प्रदर्शनकारियों की ओर से उन्हें लिखित याचिका सौंपी गई। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास कर रही है।

CJP ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें

धरना समाप्त करने के लिए CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। दूसरी, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर लौटने की अनुमति देकर उनका अनशन समाप्त कराया जाए। तीसरी, नीट परीक्षा देने वाले जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने क्या कहा?

CJP प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सौरव दास ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सभी मांगें, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है, सरकार के समक्ष रख दी हैं। उनके अनुसार मंत्री ने उचित स्तर पर इस विषय पर चर्चा का भरोसा दिया है, हालांकि अभी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें, किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास करने से बचें।

धरनास्थल खाली कराया, कनॉट प्लेस में जुटी भीड़

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित धरनास्थल खाली कराते हुए वहां लगे टेंट हटवा दिए। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस क्षेत्र में एकत्र हो गए, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। इससे पहले संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग भी किया था। वहीं, सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों के गंभीर रूप से घायल होने के दावों को दिल्ली पुलिस ने खारिज करते हुए उन्हें अफवाह बताया।

 

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