वॉशिंगटन: अमेरिका और सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत सऊदी अरब को नागरिक परमाणु कार्यक्रम विकसित करने की अनुमति मिलेगी। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने इसे शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता बताया है। इस समझौते के जरिए अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी का अवसर मिलेगा। अब इस समझौते को अंतिम मंजूरी के लिए अमेरिकी संसद में समीक्षा हेतु भेजा जाएगा।
हालांकि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों दलों के कुछ सांसद इस समझौते पर आपत्ति जता सकते हैं। ऐसे में संसदीय समीक्षा के दौरान इस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
यूरेनियम संवर्धन की संभावना पर बढ़ी चर्चा
समझौते का आधिकारिक दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते के तहत भविष्य में सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है। यूरेनियम संवर्धन का उपयोग परमाणु बिजली संयंत्रों के ईंधन के साथ-साथ परमाणु हथियारों के निर्माण में भी किया जा सकता है, इसलिए इस पहलू को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें बनी हुई हैं।
ऊर्जा के साथ सुरक्षा सहयोग भी होगा मजबूत
अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने जानकारी दी है कि परमाणु सहयोग समझौते के साथ-साथ दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। वहीं, सऊदी सरकार ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सहयोग को और अधिक मजबूत और व्यापक बनाएगा।
बताया गया कि यह समझौता सऊदी नेतृत्व की पिछले नवंबर में हुई वॉशिंगटन यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच हुई बातचीत का परिणाम है।
ईरान से बढ़ते तनाव के बीच हुआ बड़ा फैसला
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। सऊदी अरब लंबे समय से अमेरिका का रणनीतिक सहयोगी रहा है और उसके यहां कई अमेरिकी सैन्य अड्डे भी मौजूद हैं, जिन्हें पहले ईरान समर्थित हमलों का सामना करना पड़ा है।
समझौते से ठीक दो दिन पहले यमन में ईरान समर्थित हौथी संगठन ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। ऐसे में इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया की बदलती रणनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
