रसुवा: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस आपदा में 105 भारतीय पर्यटकों समेत 400 से ज्यादा विदेशी नागरिक और पर्यटक-ट्रेकर्स लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 90 से ज्यादा नेपाली नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। नेपाल सेना, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते नदी का पानी किनारे तक पहुंच गया और वहां मौजूद पर्यटक तथा ट्रेकर्स इसकी चपेट में आ गए। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
कई देशों के नागरिक लापता
लापता विदेशी नागरिकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल हैं। कई अन्य विदेशी पर्यटकों की राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में लापता भारतीय और अन्य विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ के बाद नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाल प्रशासन और यात्रा एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी जुटाने के साथ उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं।
15 हेलीकॉप्टरों से चल रहा बचाव अभियान
नेपाल सेना के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभावित बुसी और तुसु इलाकों से अब तक 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कुल 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इनमें सात हेलीकॉप्टर नेपाली सेना के हैं, जबकि अन्य हेलीकॉप्टर सशस्त्र पुलिस बल और निजी संचालकों के हैं।
घायलों के उपचार के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में विशेष चिकित्सा केंद्र बनाया गया है। यहां बाढ़ प्रभावित और घायल लोगों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही काठमांडू से अतिरिक्त सैन्य और चिकित्सा दलों को रसुवा भेजा गया है।
33 सुरक्षाकर्मी भी लापता
बाढ़ से हुए नुकसान और घायलों की वास्तविक संख्या का अभी आकलन किया जा रहा है। इससे पहले 16 शव मिलने और 33 सुरक्षाकर्मियों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। सेना और स्थानीय प्रशासन दूरदराज के प्रभावित इलाकों से लगातार सूचनाएं जुटा रहे हैं और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
