दिल्ली: प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से विशेष रेल रेक के जरिए प्याज भेजना शुरू कर दिया है। ‘कांदा एक्सप्रेस’ की पहली खेप बुधवार को दिल्ली पहुंचेगी, जिसमें करीब 800 टन प्याज होगा। दिल्ली में इसे नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचने की तैयारी है। इसके अलावा चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में भी विशेष रेल रेक से प्याज भेजा जा रहा है।
बारिश से महाराष्ट्र की सप्लाई प्रभावित
आजादपुर मंडी के कारोबारियों के मुताबिक महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। वहां बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे दिल्ली तक प्याज की आवक पर असर पड़ा है। सीमित स्टॉक के कारण थोक बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। आजादपुर मंडी में प्याज की थोक कीमत पिछले कुछ दिनों में करीब दोगुनी होकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जबकि पहले यह करीब 25 रुपये थी।
दिल्ली के कई इलाकों में 60 से 70 रुपये किलो प्याज
महाराष्ट्र से आपूर्ति कम होने का असर खुदरा बाजार में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि बारिश के कारण दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों की परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ा है, जिससे आपूर्ति का दबाव और बढ़ गया है।
अलवर और दक्षिण भारत से भी प्याज मंगाने की कोशिश
कारोबारी अब अलवर और दक्षिण भारत के राज्यों से भी प्याज मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि वहां से भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है, क्योंकि बाजार में नई फसल का इंतजार है। कारोबारियों के मुताबिक इस मौसम में प्याज खराब होने का खतरा भी रहता है, इसलिए बड़े पैमाने पर इसका भंडारण करना मुश्किल होता है। बढ़ी कीमतों के कारण थोक में प्याज खरीदने वाले ग्राहकों ने भी अपनी खरीद की मात्रा कम कर दी है।
देशभर में एक साल में करीब 59 फीसदी बढ़ी खुदरा कीमत
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम रही। एक साल पहले यह 27.37 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस तरह प्याज की खुदरा कीमत में करीब 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसी अवधि में औसत थोक कीमत 21.23 रुपये से बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
दिल्ली में भी प्याज के दाम में बड़ा उछाल
दिल्ली में सोमवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी। मंगलवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 44.72 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो एक महीने पहले 34.80 रुपये थी। बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने नासिक से विशेष रेल रेक के जरिए प्याज की आपूर्ति शुरू की है।
इन पांच शहरों में पहुंचेगा कांदा एक्सप्रेस का प्याज
‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए दिल्ली समेत पांच प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज पहुंचाया जा रहा है। दिल्ली के अलावा चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। सरकारी भंडार से प्याज पहुंचने के बाद इन शहरों के बाजारों में आपूर्ति बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। सरकार ने जरूरत के अनुसार आगे और शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल करने की बात कही है।
दाम और बढ़े तो नाफेड से प्याज खरीदेगी दिल्ली सरकार
बढ़ती कीमतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी प्याज और चीनी की उपलब्धता पर निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर प्याज के दाम और बढ़ते हैं तो सरकार नाफेड से प्याज खरीदकर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में शिविरों के माध्यम से उपलब्ध कराएगी। परिवहन और अन्य खर्च सरकार खुद वहन करेगी, जबकि लोगों को प्याज नाफेड से खरीद की कीमत के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
जमाखोरी रोकने और पर्याप्त स्टॉक पहुंचाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्याज की आपूर्ति पर नजर रखने, बाजारों तक पर्याप्त स्टॉक पहुंचाने और जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि विशेष रेल रेक और सरकारी भंडार के जरिए बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि बढ़ती कीमतों से लोगों को राहत मिल सके।
