
दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुए ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) ने इस मामले में UAPA, विस्फोटक अधिनियम, और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
कौन-सी धाराएं लगीं?
इस केस में UAPA की धारा 16 और 18 लगाई गई हैं — धारा 16: आतंकवादी कृत्य के कारण किसी की मौत होने पर आजीवन कारावास या भारी जुर्माना तक की सजा हो सकती है। धारा 18: किसी आतंकी घटना की साजिश रचना, मदद करना या योजना बनाना इसमें शामिल है।
इन धाराओं का मतलब साफ है — ये हमला किसी संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।
Special Cell और NIA एक्शन में
दिल्ली पुलिस की Special Cell के साथ-साथ एनआईए (NIA) और एफएसएल (Forensic Science Lab) की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने धमाके वाली जगह से रासायनिक सैंपल, धातु के टुकड़े और कार के हिस्से जब्त किए हैं ताकि विस्फोटक पदार्थ की पहचान हो सके।

सुरक्षा एजेंसियों की मीटिंग, रेड अलर्ट जारी
हमले के बाद दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी संवेदनशील स्थानों — जैसे कि मेट्रो स्टेशन, ऐतिहासिक स्मारक और सरकारी भवनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जांच के शुरुआती सुराग
सूत्रों के मुताबिक, ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट आधारित हो सकता है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इसका कनेक्शन फरीदाबाद और कश्मीर में पकड़े गए संदिग्धों से है।
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