2012 की तस्वीर से 2025 की राजनीति: बेइज्ज़त हो वफ़ा निभाते सचिन पायलट

साल 2012, कांग्रेस की ‘यंग ब्रिगेड’ की वो मशहूर तस्वीर — सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद।पांच चेहरे, पांच उम्मीदें… और पांचों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कि ये ही कांग्रेस का भविष्य हैं। कहानी में ट्विस्ट?2025 में इन पाँच में से तीन बीजेपी के ऑफिस में बैठकर चाय पी रहे हैं — और एकमात्र सचिन पायलट अब भी कांग्रेस के वफादार कैडेट की तरह डटे हुए हैं। सचिन पायलट: कांग्रेस के “लास्ट मैन स्टैंडिंग” राजस्थान में पिछली सरकार बनाने का श्रेय भले ही कैंपेन में…

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संचार साथी ऐप: ‘App है, CID नहीं!’ Snooping पर बड़ा क्लैरिफिकेशन

लोकसभा में आज का माहौल थोड़ा टेक-टेक सा रहा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष के “स्नूपिंग ऐप” वाले सवालों पर सीधा, सटीक… और थोड़ा सटायर-सा जवाब दिया— “संचार साथी से Snooping न संभव है और न कभी होगी.” यानि विपक्ष का आरोप“सरकार जासूसी करेगी!”सरकार का जवाब:“महाराज, ऐप है… NSA का सॉफ्टवेयर नहीं!” विपक्ष के सवाल: ‘Privacy Alert!’ सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को निर्देश दिया कि नए हैंडसेट में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल किया जाए।बस… यही से बवाल शुरू। विपक्ष बोला—“यह Privacy Invasion है!”“सरकार हमारे फोन में झांकना चाहती…

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Politics शुरू! फडणवीस vs विपक्ष—EVM पर भी सियासी गर्मी

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में कुछ जगह हल्का तनाव दिखा, लेकिन महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया।फडणवीस का कहना था कि यह चुनाव असल में “grassroot workers का असली टेस्ट” होता है। इसलिए बीजेपी–शिंदे गुट ने अपने कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर गठबंधन करने की फुल फ्रीडम दी थी। उन्होंने दावा भी किया कि लगभग 75% सीटें जीतने जा रही है—मतलब जीत का confidence भी high और political गर्मी भी full swing में। लेकिन काउंटिंग क्यों टली? फडणवीस बोले—“ये decision मुझे पसंद नहीं!”…

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MCD में हलचल: कमल खिला, झाड़ू चली, कहीं हाथ ने सबको चौंका दिया

दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे आखिरकार सामने आ गए। एक तरफ काउंटिंग सेंटरों पर सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि लग रहा था ईवीएम नहीं, चांदी के खजाने रखे हों— दूसरी तरफ पार्टियों के दफ्तरों में माहौल “उम्मीद बनाम हकीकत” वाला था। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और कुछ घंटों में तस्वीर साफ हो गई— BJP को शानदार बढ़त, AAP को मिक्स रिजल्ट, और कांग्रेस ने एक सीट पर कमाल करके सबको चौंका दिया। BJP: MCD में कमल फिर खिला BJP ने कई…

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कॉरपोरेट का दिल अभी भी BJP पर—चंदा देख कांग्रेस बोले: “वाह रे राजनीति!”

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही Electoral Bonds को अलविदा कह दिया हो, लेकिन कॉरपोरेट दान के मामले में तस्वीर वही पुरानी है— पैसा अभी भी उसी दरवाज़े पर जा रहा है, जहाँ पहले जाता था। टाटा समूह के कंट्रोल वाला Progressive Electoral Trust (PET) इस साल फिर से सुर्खियों में है। 2024-25 में कुल 915 करोड़ रुपये के राजनीतिक चंदे में से लगभग 83% केवल BJP की झोली में पहुंचे। कांग्रेस को मिला सिर्फ 8.4%, और बाकी राशि क्षेत्रीय दलों में वितरित हो गई। BJP को कॉरपोरेट प्यार—साल दर साल…

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“UP में शुरू होने वाला है ‘कैबिनेट की बड़ा सर्जरी’—कुर्सियाँ डरी हुई हैं!”

लखनऊ की राजनीतिक हवा में इन दिनों एक नई सुगबुगाहट है। सूत्र—जो हमेशा की तरह “नाम न बताने की शर्त” पर ही बोलते हैं—कह रहे हैं कि यूपी सरकार में अगले 100 दिनों में बड़ा ऑपरेशन होने वाला है। और बड़ा मतलब सच में बड़ा! एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि मुख्यमंत्री और खन्ना सहित केवल 9 मूल संगठन के चेहरे अपनी जगह पर रहेंगे—बाकी पूरी कैबिनेट की कुर्सियाँ डगमगा रही हैं। मतलब साफ है—लखनऊ में ‘कैबिनेट रीमिक्स 3.0’ की रिकॉर्डिंग शुरू हो चुकी है। कैबिनेट में “फुल रीसेट”:…

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Mahayuti में बढ़ती दरार: BJP–Shinde Sena में रेड की राजनीति गर्म

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों चुनावी मैदान से ज़्यादा छापेमारी के मैदान में खेली जा रही है। पहले मालवण, फिर सांगोला… और अब भाजपा व शिंदे शिवसेना के बीच तनाव ऐसे भड़क रहा है जैसे दाल में तड़का ज्यादा पड़ गया हो। शुरुआत तब हुई जब शिंदे गुट के विधायक निलेश राणे ने प्रचार के दौरान BJP पदाधिकारी के घर रेड मारकर नोटों से भरा बैग बरामद करने का दावा किया।तल्खी बढ़ी…और इससे पहले कि मामला ठंडा पड़ता—सांगोला में LCB और चुनाव आयोग की टीम ने शिंदे गुट के पूर्व…

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BJP की कुर्सी—ब्राह्मण का आशीर्वाद, OBC का दम, या दलित का ‘ट्रम्प कार्ड’?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुर्सी का तापमान बढ़ गया है। प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए छह बड़े चेहरे सुर्खियों में हैं। पार्टी हाईकमान ने लखनऊ में मैराथन बैठकें निपटा दी हैं—जहाँ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी से ज्यादा चाय की केतली ज़्यादा उबलती दिखी। अंदरखाने सूत्र कहते हैं कि ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों कार्डों को टेबल पर रखा गया है। पार्टी चुनावी गणित को देखते हुए किसे राजा बनाएगी, यह अभी ‘कंफिडेंशियल फाइल’ मोड में है। ब्राह्मण कार्ड: दिनेश शर्मा सबसे आगे? राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम…

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“संचार साथी ऐप से सरकार हमारे फोन झाँक रही?” विपक्ष की तीखी चिटकार!

केंद्र सरकार ने हाल ही में मोबाइल हैंडसेट कंपनियों को आदेश दिया है कि नए स्मार्टफोन्स में संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। इसी आदेश के बाद देश की राजनीति में तगड़ा घमासान शुरू हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि यह ऐप साइबर सुरक्षा के नाम पर सरकारी निगरानी का एक नया रास्ता खोल सकता है। प्रियंका गांधी वाड्रा का हमला: “यह एक जासूसी ऐप है” कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा— लोगों को निजता का अधिकार है।…

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बिहार विधानसभा स्पीकर बने डॉ. प्रेम कुमार, निर्विरोध चयन लगभग तय

बिहार विधानसभा के नए स्पीकर पद के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन दाखिल किया। महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक होने की वजह से उन्होंने स्पीकर पद पर उम्मीदवार नहीं उतारा। इस तरह, डॉ. प्रेम कुमार का निर्विरोध चयन लगभग तय माना जा रहा है। निर्वाचन की समयसीमास्पीकर पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि सोमवार शाम 3 बजे थी। अब मंगलवार तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसी दिन विधानसभा में स्पीकर का…

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