बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के माहौल में असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन पर सीधा प्रहार कर दिया है।AIMIM प्रमुख ने एक टीवी चैनल पर दिए इंटरव्यू में साफ कहा: “अब एकतरफा मोहब्बत नहीं चलेगी… हम बार-बार दरवाज़ा खटखटाते रहे, लेकिन जवाब में मिली चुप्पी और आरोप!” अब ओवैसी तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में हैं — और इरादा है सीमांचल में RJD और कांग्रेस के गढ़ को झकझोरने का। गठबंधन ना हुआ, तो अब मुकाबला होगा ओवैसी का कहना है कि उनकी पार्टी ने बार-बार BJP को हराने के लिए गठबंधन…
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तेजस्वी के मूत्र कहे के बावजूद, पत्रकार अबहियो सटे रहले बाड़े
अब देखीं न, एगो गुप्त सूत्र (जेकरा नाम से पूरा राजधानी काँपेला) कहले बाड़ें कि “तेजस्वी के राजनीति अब मूत्र समान हो गइल बा” – मतलब गंधदार, बेजान अउर सटक गइल।बाकिर पत्रकार बिचारे… उ त अबहियो तेजस्वी के पीछे कैमरा, माइक अउर कंधा झूला लेके सटले बाड़ें। “का जाने का दिन में तारा निकले!” – ई सोच के अबहियो सब माइकवा तेजस्वी के ठोड़ी से टकरात बा। अगला सीएम – सपना की खुमार? अब बात ई बा कि तेजस्वी अगला मुख्यमंत्री बन सकेला – एह लाइन से कुछ पत्रकारन के…
Read Moreछांगुर बाबा: धर्मांतरण रैकेट से अतीक कनेक्शन तक, सत्ता-संरक्षण ?
2014 के लोकसभा चुनावों में छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, माफिया अतीक अहमद का प्रचार करते मंच-मंच घूमते दिखे। समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अतीक के लिए बाबा ने वोट मांगे — शायद ये सोचकर कि चमत्कार से नतीजा बदल जाएगा। पर बीजेपी के दद्दन मिश्रा ने चमत्कार से पहले ही खेल खत्म कर दिया। जलेबी, वड़ा पाव और समोसे पर चेतावनी! अगला क्या? चाय पर हेल्थ टैक्स? धर्मांतरण इंडस्ट्री का CEO निकला बाबा जांच एजेंसियों के मुताबिक, बाबा सिर्फ प्रवचन नहीं देता था — वो तो पूरा…
Read Moreबिहार SIR विवाद: तेजस्वी यादव के ‘एक वोट वाला डर’
बिहार में अब चुनाव सिर पर ना — SIR पर चढ़ल बा! तेजस्वी यादव कहत बाड़ें कि ई “विशेष गहन पुनरीक्षण” दरअसल एक ‘विशेष गड़बड़ योजना’ बा। एक फिसद मतदाता भी कट गइल तs तीन दर्जन सीटिया निकल जाई हाथ से। और जनता बोले: “बाप रे बाप! ई त वोट कटवा सुनामी हउए!” चक्कर मतदाता के, सिरदर्द तेजस्वी के अब देखीं न, वोटर लिस्ट में कुल 7 करोड़ 90 लाख लोग हैं। अगर मात्र 1% भी कट गइले, त 7.9 लाख वोट सीधे उड़न छू। तेजस्वी यादव के हिसाब से—…
Read Moreराज्यसभा 2026: VIP नेताओं की छुट्टी, सीटों पर सेटिंग कौन करेगा?
2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की राजनीति का नया रंगमंच बनने जा रहे हैं। अप्रैल, जून और नवंबर में होने वाले इन चुनावों में 75 सीटें खाली होंगी। यानी बहुत सारे नेताओं का पॉलिटिकल ‘रिटायरमेंट पार्टी’ तय है, और कुछ की कुर्सी की तलवार लटक रही है। रेट्रो रिव्यू: शोले – जब सिनेमा गोली से नहीं, डायलॉग से चलता था कौन-कौन कहेंगे ‘टाटा-बाय बाय’? 1. कर्नाटक की कहानी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा 25 जून 2026 को रिटायर…
Read Moreतेजस्वी के बैठक में कांग्रेस बोली – ‘हमार टिकिया हमके ही चाही
बिहार में अब चुनावी मौसम शुरू हो चुकल बा, नेताजी लोग अब फिर से ‘लोकतंत्र के पराठा’ बेलत नजर आ रहल बा लोग। तेजस्वी यादव के बंगला शनिवार के सियासी धरमशाला बन गइल, जहाँ 6 घंटा तक नेतागण चाय-पकौड़ा संग सीट बंटवारा के ‘गंभीर’ मंथन करत रहलें। बेटी हत्यारिन निकली तो रिश्ता खत्म: सोनम के पिता कांग्रेस के परंपरा प्रेम – “जहाँ हम जीते, उहे सीट दे दीं!” कांग्रेस के मन में एगो अइसन भावना उपजल बा, जेहमें ऊ कह रहल बाड़ी कि “जहाँ हम पहले नंबर 2 रहल बानी,…
Read Moreभाजपा को मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष! RSS की ‘विचारधारा वाली खोज’
2024 के लोकसभा चुनावों में सीटें तो बहुत मिलीं, मगर ‘मूड’ पूरी तरह से बहुमत वाला नहीं आया। सत्ता में तो हैं, पर साथियों की बैसाखियों पर। ऐसे में भाजपा अब एक ऐसे सेनापति की खोज में है, जो सिर्फ चुनाव न जीते, संगठन भी बचा सके। मोदी विदेश से लौटे, दिल्ली में ‘नया चेहरा’ तय करने की भागदौड़ शुरू जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे से लौटे, भाजपा के HQ में कुर्सियों की खड़खड़ाहट तेज हो गई। जल्द ही पार्टी की आंतरिक चुनाव समिति नए राष्ट्रीय अध्यक्ष…
Read Moreनीतीश सरकार का 1 करोड़ रोजगार वादा, असली मुद्दा या चुनावी जुमला?
चुनाव नजदीक आते ही बिहार की राजनीति में मानो “रोजगार रेन डांस” शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2025-30 के बीच 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का ऐलान कर दिया है। ऐलान इतना भारी कि बिजली बिल से भी ज़्यादा करंट मार जाए! “पहिने नाम जोड़ू, फेर वोट मांगू! बिहार चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हल्ला सरकारी नौकरी का मेल, अबकी बार पक्की रेल? नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और लगभग 39…
Read Moreठाकरे वापसी: बीजेपी को मात देने या मराठी अस्मिता के नाम पर नई नौटंकी?
करीब दो दशक तक राजनीतिक अलगाव और शब्दों की तलवार चलाने के बाद, राज और उद्धव ठाकरे एक मंच पर आए। बाल ठाकरे की विरासत, जिसे दो हिस्सों में बंटते हुए महाराष्ट्र ने देखा, अब फिर से जोड़ने की कोशिश हो रही है। लेकिन क्या यह सचमुच पारिवारिक पुनर्मिलन है या राजनीति का नया स्टंट? पंत के बल्ले से निकला रिकॉर्ड… लॉर्ड्स में छक्कों की बारिश- राज ठाकरे बोले – “जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया।”वाह! क्या डायलॉग मारा है… मतलब फडणवीस भाई ने ऐसा…
Read More“पहिने नाम जोड़ू, फेर वोट मांगू! बिहार चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हल्ला
बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले, वोटर लिस्ट रिवीजन पर मचा बवाल अब कुछ थमता दिख रहा है।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड, तीनों को मतदाता पहचान के लिए वैध माना जाए। नई बॉल, पुराना ड्रामा – गिल बोले, ये गेंद तो पहले ही खेली गई है मैथिली अंदाज में कहें तो: “जिनकर मोबाइल छिनाए गेल अछि, ओ त आब राशन कार्ड लऽ क’ नाम जुड़बथिन!” आयोग खुश, तारीख पर कायम — 1 अगस्त को आएगी नई लिस्ट चुनाव आयोग भी संतुष्ट दिखा…
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