सुबह का वक्त, स्क्रीन पर लाल रंग का सैलाब और दिल की धड़कनें तेज—2 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने ऐसा मंजर दिखाया, जिसने छोटे निवेशकों से लेकर बड़े फंड मैनेजर तक सबको हिला दिया। यह सिर्फ गिरावट नहीं थी, यह भरोसे का क्रैश था। लोग पोर्टफोलियो नहीं, अपने सपनों को गिरते देख रहे थे। 1500 अंक टूटा सेंसेक्स: बाजार में ‘सुनामी’ का सीन सुबह 10:06 बजे के आसपास BSE Sensex करीब 1,532 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 480 अंकों की भारी गिरावट के साथ लड़खड़ा गया। मार्केट…
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तेल की आग में झुलसा भारत! ₹25 लीटर महंगा डीजल- ₹165 तक जाने का डर
मिडिल ईस्ट में उठी बारूद की लपटें अब सीधे भारत की सड़कों पर उतर आई हैं। कहीं दूर ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग का असर अब आपकी जेब पर पड़ रहा है—और ऐसा कि हर लीटर ईंधन अब “लक्ज़री आइटम” जैसा लगने लगा है। पेट्रोल पंप पर खड़े लोग अब सिर्फ टंकी नहीं भरवा रहे, बल्कि अपने बजट की चिता भी देख रहे हैं। ₹25 महंगा डीजल: झटका नहीं, सीधा झंझावात Shell India ने जो कदम उठाया है, उसने पूरे बाजार को हिला दिया है। डीजल में…
Read MorePetrochemical Duty Zero कर सरकार ने बाजार में फेंका बड़ा दांव
दुनिया जहां बारूद की गंध से भर चुकी है, वहीं भारत ने एक ऐसा फैसला लिया है जो शोर नहीं करता—लेकिन असर गूंजता है। मिडिल ईस्ट की जंग का 34वां दिन… तेल, ट्रेड और ट्रांसपोर्ट सब दबाव में हैं। इसी बीच सरकार ने चुपचाप एक ऐसा ‘इकोनॉमिक स्विच’ ऑन कर दिया, जिससे बाजार में हलचल मच गई है। ये सिर्फ ड्यूटी छूट नहीं है… ये एक सिग्नल है—कि भारत सिर्फ जंग के असर झेलने वाला देश नहीं, बल्कि खेल बदलने वाला खिलाड़ी बन चुका है। जंग का असर: ग्लोबल सप्लाई…
Read Moreबस एक आदेश बाकी था… और समंदर से टूट पड़ती भारतीय सेना
कभी-कभी जंग गोलियों से नहीं, सेकंडों के फैसलों से तय होती है। और एक ऐसा ही फैसला भारत ने उस वक्त लिया, जब समंदर की लहरों के नीचे छिपी ताकत पाकिस्तान पर टूट पड़ने को तैयार थी। बस एक आदेश… और इतिहास की दिशा बदल सकती थी। लेकिन तभी आया एक अनुरोध—“सैन्य कार्रवाई रोक दीजिए।” और सब कुछ ठहर गया। “समंदर से उठने वाली थी आग की लहर” चीफ एडमिरल Dinesh K. Tripathi ने जो खुलासा किया है, वह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उस पल की झलक है जब भारतीय…
Read Moreविजयपत ने ‘Complete Man’ बनाया… वही आखिर में ‘अकेले’ रह गए
एक आदमी जिसने आसमान को छुआ… आखिर में जमीन भी छिन गई। एक पिता जिसने अपने बच्चों के लिए साम्राज्य खड़ा किया… उसी घर में जगह नहीं मिली। और सवाल यही है — क्या सफलता की सबसे बड़ी कीमत “अपनों” से ही चुकानी पड़ती है? यह सिर्फ एक बिजनेसमैन की मौत नहीं… यह एक ऐसी कहानी है जो हर उस इंसान के दिल में चुभेगी जिसने कभी “परिवार” और “पैसे” के बीच चुनाव किया हो। साम्राज्य का शहंशाह… जिसने Raymond को पहचान दी सच यह है कि विजयपत सिंघानिया सिर्फ…
Read MoreBJP ऑफिस के बाहर धमाका! स्कूटी बनी बम—चंडीगढ़ में दहशत
शहर की दोपहर सामान्य थी… ट्रैफिक चल रहा था, लोग अपने काम में लगे थे। लेकिन एक जोरदार धमाके ने सब कुछ बदल दिया। Sector 37 Chandigarh में स्थित BJP दफ्तर के बाहर खड़ी एक स्कूटी अचानक धमाके में बदल गई—और देखते ही देखते पूरा इलाका सायरन, पुलिस और डर के साए में घिर गया। स्कूटी में धमाका, दफ्तर के बाहर दहशत बुधवार शाम करीब 5 बजे, Chandigarh के सेक्टर-37 में स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर खड़ी एक संदिग्ध स्कूटी में जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी…
Read MoreBirch by Romeo Lane: 25 लाशें, जलता क्लब… और अब बेल, सिस्टम?
6 दिसंबर 2025… वो रात जब गोवा सिर्फ पार्टी नहीं कर रहा था, बल्कि जल रहा था। Arpora के चर्चित “Birch by Romeo Lane” क्लब में लगी आग ने 25 जिंदगियां निगल लीं और पूरे देश को झकझोर दिया। अब, महीनों बाद जब इस केस में आरोपियों को जमानत मिली है, तो सवाल फिर वही खड़े हो गए हैं—क्या सिस्टम फिर फेल हुआ या यह सिर्फ कानून की प्रक्रिया है? “मौत की उस रात का डर आज भी जिंदा है” गोवा के पार्टी हब में उस रात हर चीज सामान्य…
Read Moreअसम चुनाव में कांग्रेस ने अजमल से दूरी बनाई, क्या BJP की हैट्रिक रुकेगी?
असम की सियासत इस वक्त सिर्फ गर्म नहीं… उबल रही है। वोटिंग से ठीक पहले एक ऐसा सियासी ट्विस्ट आया है, जिसने पूरे चुनावी खेल का गणित बदल दिया है। जहां एक तरफ BJP जीत की हैट्रिक का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस ने पर्दे के पीछे ऐसा दांव खेला है, जो सीधा दिल और दिमाग दोनों पर वार करता है। सबसे बड़ा झटका—वही साथी अब बाहर, जिसके बिना अल्पसंख्यक राजनीति अधूरी मानी जाती थी। “अजमल OUT: कांग्रेस ने खुद ही काटा अपना पुराना पत्ता” इस बार कांग्रेस ने…
Read Moreसाइलेंट स्ट्राइक : चाय बागानों में उतरे मोदी—जहां पत्तियां नहीं, वोट गिने जाते हैं
असम के चाय बागानों में इस बार सिर्फ चाय की खुशबू नहीं, सियासत की तपिश भी तैर रही है। जब पीएम Narendra Modi सीधे इन बागानों में पहुंचे, तो यह महज एक विजिट नहीं थी—यह एक साइलेंट पॉलिटिकल स्ट्राइक थी। यहां पत्तियां नहीं, वोट गिने जाते हैं… और जो इस जमीन को समझ गया, वही चुनाव की दिशा तय करेगा। “चाय बागान: जहां से तय होता है सत्ता का रास्ता” असम के चाय बागान सिर्फ आर्थिक इंजन नहीं हैं—ये चुनावी गणित का हार्ट हैं। लाखों मजदूर, उनकी फैमिलीज और उनका…
Read Moreअसम में सियासी जंग-गोगामुख में गरजे मोदी: ‘मेरी भी हैट्रिक, आपकी भी हैट्रिक
गोगामुख की जमीन पर धूल नहीं, सियासत उड़ रही थी। मंच पर खड़े Narendra Modi सिर्फ भाषण नहीं दे रहे थे—वो चुनावी कहानी का क्लाइमेक्स लिख रहे थे। भीड़ सिर्फ सुन नहीं रही थी, प्रतिक्रिया दे रही थी… और उसी शोर में छिपा था एक बड़ा संदेश—असम में लड़ाई अब सिर्फ सीटों की नहीं, ‘हैट्रिक बनाम हार की हैट्रिक’ की बन चुकी है। “गोगामुख से सीधा संदेश: गेम ऑन!” असम के धेमाजी जिले का गोगामुख अचानक राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया। पीएम मोदी की पहली चुनावी रैली ने साफ…
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