भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक चुनाव देश के कई राज्यों में रफ्तार पकड़ चुके हैं। मध्य प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक सबको नया कप्तान मिल गया, पर उत्तर प्रदेश में तो जैसे कुर्सी किसी जादुई गुफा में छिपा दी गई हो। भूपेंद्र चौधरी का कार्यकाल समाप्त हो गया, लेकिन उत्तराधिकारी का नाम आते-आते लोकसभा का दूसरा टर्म न आ जाए, इसकी चिंता पार्टी को खुद है। भारी है कुर्सी, इसलिए हल्के में नहीं लिया जा सकता उत्तर प्रदेश कोई छोटा मोटा राज्य नहीं है। ये 20 करोड़ लोगों वाला लोकतांत्रिक…
Read MoreCategory: चौचक चक्कलस
“चुनाव आयोग नायक कहाँ, अब त चौकीदार लगे नायक!”
अब देखs बाबू, बिहार में लोकतंत्र के हाल त अइसन हो गइल बा कि जेकरा से निष्पक्षता के उम्मीद रहऽ, उहे अब गोदी में बैठल दिख रहल ह। तेजस्वी यादव त सीधे बोल देलन कि “ई आयोग अब संविधान के रक्षक ना, बल्कि मोदी जी के चौकीदार बन गइल ह।” आउर त आउर, जब ऊ आयोग से मुलाकात के टाइम मांगलन, त चुनाव आयोग त अइसन चुप्पी साध लेलs, जइसे एगो पति मायके से सासु के फोन आ जाए। दिल बोले No More! वैक्सीन नहीं, आलसी लाइफस्टाइल है कातिल “मतदाता…
Read Moreदिल बोले No More! वैक्सीन नहीं, आलसी लाइफस्टाइल है कातिल
भारत में युवाओं का दिल अब सिर्फ ब्रेकअप से नहीं, ब्रेकडाउन से भी टूट रहा है। एक ओर जहां Instagram पर रील्स में “Dil Dhadakne Do” बजता है, वहीं असल ज़िंदगी में दिल धड़कते-धड़कते थक गया है। अचानक हार्ट अटैक और युवाओं की मौतों के बढ़ते मामले लोगों को डर और भ्रम में डाल रहे हैं – “कहीं ये सब वैक्सीन की वजह से तो नहीं?” व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने तो पहले ही फतवा जारी कर दिया – “भाई, वैक्सीन मत लगवाओ, यही सब मौत की जड़ है!” लेकिन…
Read Moreजब सब्ज़ी काटती हैं पत्नियाँ, तो मर्दों को कौन काटेगा? – मीम का मज़ेदार सच!
सोशल मीडिया की दुनिया इन दिनों एक सवाल से गूंज रही है- “अगर घर की औरतें सब्ज़ी काटेंगी, तो मर्दों को कौन काटेगा?”बोलने को ये चुटकुला है, लेकिन इसके पीछे छुपी है एक गंभीर सामाजिक हकीकत — पत्नियाँ अब केवल आलू-प्याज नहीं काट रहीं… कभी-कभी ‘धैर्य की डोरी’ और पति की किस्मत भी चीर देती हैं! पति-पत्नी और वो: अब तीसरा कोण कोई Triangle नहीं, खतरा बन गया है! हाल के महीनों में ऐसी कई खबरें सामने आईं जहाँ पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को “Permanent छुट्टी”…
Read Moreमाता सीता का नया सेंटर—नीतीश अब खेल रहे जानकी जम्बो कार्ड
बिहार की राजनीति में अचानक धार्मिक भावनाओं का ज़ोरदार विस्फोट हुआ है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 883 करोड़ की पूनौरा धाम योजना को मंज़ूरी देकर ना सिर्फ मां सीता की जन्मभूमि को राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर लाने की तैयारी की है, बल्कि राजनीतिक पटल पर एक नया ‘जानकी कार्ड’ भी खेल दिया है। बादल नहीं, मुसीबतें बरस रहीं! हिमाचल बना आफत का हॉटस्पॉट जहाँ एक ओर भाजपा अयोध्या में ‘राम मंदिर’ से हिन्दुत्व की लहर पर सवार है, वहीं नीतीश अब ‘सीता नैरेटिव’ से…
Read Moreअखिलेश का 52वां जन्मदिन: जानिए यूपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री की कहानी
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ। वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं।शिक्षा की शुरुआत इटावा के सेंट मैरी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने ढोलपुर मिलिट्री स्कूल, राजस्थान में पढ़ाई की और फिर ऑस्ट्रेलिया जाकर पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की। परिवार के साथ राजनीतिक संतुलन अखिलेश यादव ने 24 नवंबर 1999 को डिंपल यादव से विवाह किया, जो अब खुद एक सांसद हैं। उनके तीन बच्चे हैं —…
Read Moreअखिलेश यादव को भाजपा नेता की ‘कटाक्षी बधाई’, होर्डिंग से तंज की बारिश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आज जन्मदिन है।लखनऊ स्थित सपा कार्यालय पर समर्थकों की भीड़ है, गुलाब के फूल हैं, पोस्टर हैं, और ढोल-नगाड़े भी। लेकिन इस बीच एक होर्डिंग ने सारा माहौल ‘राजनीतिक रंग’ में रंग दिया। और ये होर्डिंग आई है विपक्ष से — नहीं, सिर्फ विरोध नहीं, ‘क्लासिक तंज’ के साथ। मोदी जी ऑन टूर: इस बार अफ्रीका-लैटिन फ्यूजन! भाजपा युवा नेता की होर्डिंग: ‘प्रभु से है कामना…’ भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने लखनऊ के…
Read Moreआज़म के जलवे से कांपते थे नेता, अब ऐसा क्या हुआ कि मिलने से कतराते हैं
कभी समाजवादी पार्टी की बैठकों में अगर कोई सबसे ऊँचे स्वर में बोल सकता था, तो वो थे मोहतरम आज़म खान साहब। मुलायम सिंह के दौर में उनका रुतबा ऐसा था कि रामगोपाल हों या शिवपाल, सबकी जुबान पर ताला लग जाता था। “गाय पहले, पार्टी बाद में”: राजा ने छोड़ी बीजेपी, गाय ने नहीं छोड़ा उनका साथ अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, पर चाचा को आँख दिखाने की हिम्मत न उन्होंने की, न उनके बगल में बैठे किसी विधायक ने। चचा एक बार पार्टी छोड़ के गए, पार्टी की अधिकृत…
Read Moreसियासत में ‘भाईचारा’ सिर्फ तब तक… जब तक कुर्सी चमक रही हो!
सियासत में दोस्ती वैसी ही होती है जैसे मोबाइल की बैटरी — जब तक फुल चार्ज है, सब कॉल कर रहे हैं। पर जैसे ही सत्ता की बैटरी डाउन हुई, तो वही लोग फोन उठाना भूल जाते हैं। नेताओं के साथ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है — “कुर्सी हो तो बंदगी, वरना बंद दरवाजे”। सिंदूर कप: सेना-11 ने मारी बाज़ी, मंच पर MLC-ADCP भिड़े कुर्सी गई, तो पहचान भी गई कभी मंच पर बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाने वाले लोग, अब व्हाट्सएप पर ब्लू टिक भी नहीं दे…
Read Moreअध्यक्ष पद पर कुर्सी खाली है… और संगठन में ‘नाम’ पर कुश्ती चालू है!
“कुर्सी खाली है, दावेदार लाइन में हैं और दिल्ली के गलियारे में सस्पेंस वैसा ही है जैसा IPL के फाइनल ओवर में होता है।” भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलना था फरवरी 2025 में… लेकिन अब जून भी जा रहा है और सिंहासन अभी भी खाली पड़ा है! संगठन और संघ के बीच मीटिंग पर मीटिंग हो रही है, लेकिन ‘नाम’ अब भी फाइनल नहीं हुआ। ऐसा लग रहा है जैसे कुर्सी कोई Game of Thrones हो गई हो, और हर गुट अपनी-अपनी रणनीति से बाज़ी मारने की…
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