BJP में ‘भीतरी आग’ ने किया माहौल गर्म, विपक्ष बोले – पॉपकॉर्न लाओ!

जब विपक्ष सोचे कि हमें तो मेहनत करनी होगी, वहीं बीजेपी ने कहा — “हम खुद ही खुद को हराने के लिए काफी हैं।”जी हां, उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, बीजेपी के नेता ‘परिवारिक बहस’ को सार्वजनिक मंचों पर ले आए हैं। और विपक्ष? वो बस ताली बजा रहा है। पूर्व से पश्चिम तक BJP में ‘भीतरघात का महोत्सव’ चुनाव की गर्माहट में BJP का कुनबा कुछ ज़्यादा ही ‘हॉट’ हो गया है। कोई नेता बयानबाज़ी में मशगूल है, तो कोई ‘पार्टी विद डिफरेंस’ को ‘पार्टी…

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“ChatGPT मिला Apple को, और मस्क को गुस्सा!” अब कोर्ट में भिड़ंत तय

जब Apple ने अपने नए iOS में ChatGPT इंटीग्रेशन की घोषणा की, तो दुनिया ने इसे टेक्नोलॉजी का बूस्ट कहा—but Elon Musk ने इसे देखा एक “साजिश” के रूप में। उनकी दो कंपनियां — X और xAI — अब Apple और OpenAI पर सरकारी अदालत में मुकदमा ठोक चुकी हैं। “यह एक अवैध गठबंधन है जिससे प्रतिस्पर्धा का गला घोंटा जा रहा है।” — X का आरोप “Apple Store में OpenAI को VIP ट्रीटमेंट?” मस्क का कहना है कि Apple ने OpenAI को अपने App Store में स्पेशल ट्रीटमेंट दिया।…

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पत्रकारों को खुश करने के लिए कॉपी-पेस्ट कमेंट्स का नया ट्रेंड

सोशल मीडिया के इस स्वर्ण युग में पत्रकारिता सिर्फ खबरें देने का माध्यम नहीं रही, बल्कि इमोशनल एंगेजमेंट का आर्टफॉर्म बन चुकी है।अब पत्रकार कितना सच बोलते हैं, उससे ज़्यादा ज़रूरी है — उनकी पोस्ट पर कितने लोग “वाह उम्दा विश्लेषण” कॉमेंट कर रहे हैं! हर पोस्ट के नीचे वही कॉपी-पेस्ट श्रद्धांजलि स्टाइल कॉमेंट्स: “आपकी लेखनी को सलाम”, “आपने तो पूरी सरकार हिला दी”, “आपसे बेहतर कोई नहीं!” ऐसा लगने लगा है जैसे पत्रकार अब सिर्फ सरकार से ही नहीं, अपने फॉलोअर्स से भी तारीफ की उम्मीद रखने लगे हैं…

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अब राजनीति नहीं, ट्रोलनीति चल रही है! “कहाँ आ गए हम?”

2025 में भारत की राजनीति अब संसद से ज़्यादा Twitter Spaces और Instagram Reels में होती है। पहले नेता भाषण देते थे, अब GIFs और “Savage Replies” से काम चल जाता है। जहाँ पहले मैनिफेस्टो पढ़े जाते थे, अब मीम-पेज से पॉलिटिकल एजेंडा सेट होता है। नेताओं की योग्यता अब इस पर निर्भर करती है कि कौन ज़्यादा वायरल हुआ। नेतागिरी नहीं, मीमागिरी नेताओं के ट्विटर बायो में अब “Public Servant” नहीं बल्कि “Part-time Comedian” और “Full-time Troll Slayer” लिखा होता है। मुद्दे? वो अब किसी dusty फाइल में पड़े…

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“एक घर, सौ वोट – क्या चल रहा है नोएडा में?”

लोकसभा चुनाव के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। राहुल गांधी के आरोपों की चिंगारी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि नोएडा से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने सीधे चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का बड़ा इल्ज़ाम लगा दिया। जी हां, डेमोक्रेसी का GPS खराब हो गया है क्या? सेक्टर-51 की वोटर लिस्ट में 0 नंबर का बवाल सपा अध्यक्ष के मुताबिक, उन्होंने नोएडा विधानसभा क्षेत्र 61 के सेक्टर-51 में खुद अपने बूथ की वोटर लिस्ट की जांच की और पाया कि वहां कई…

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“चालान छिपाए नहीं छिपेगा! मोबाइल पर नोटिस और लेट फीस का चाबुक”

अगर आप उत्तर प्रदेश में वाहन चला रहे हैं और आपके पास कोई pending चालान है, तो अब इग्नोर करने की आदत छोड़ दीजिए। क्योंकि अब चालान को हल्के में लेना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। 10 अगस्त 2025 से लागू नए नियमों के तहत, यदि किसी ट्रैफिक चालान को एक महीने के भीतर जमा नहीं किया गया, तो उस पर 10% लेट फीस अलग से जुड़ जाएगी। चालान से डरिए नहीं, WhatsApp पर देखिए! UP Transport Department ने तकनीक का तड़का लगाते हुए WhatsApp Chatbot सर्विस भी…

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गुस्ताखी माफ़! लेकिन क्या अनिल अंबानी ने किसी ‘बड़े’ से पंगा ले लिया?

कभी देश के सबसे पावरफुल बिज़नेस फैमिली का हिस्सा रहे अनिल अंबानी आजकल ट्रेंडिंग नहीं, ट्रबलिंग में हैं। ₹17,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड, ED की पूछताछ, CBI की रेड – अब तो ऐसा लग रहा है जैसे हर सरकारी एजेंसी उनके घर का GPS जानती हो। पंगा किसी बड़े से या भाग्य का फेर? सवाल ये है – ये सब अचानक कैसे हुआ? क्या किसी बड़े भैया से पंगा ले बैठे थे अनिल जी? या फिर उन्होंने अपने ‘कर्जों की क्रिएटिविटी’ से खुद की राह में कांटे बो दिए? “भाई-भाई…

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“सीमांचल में राहुलवा के रोड शो, ओवैसी-भाजपा सब हिल गए हो!”

बिहार के सीमांचल क्षेत्र—कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज—कब का सियासी दरबार बनल बा. ई इलाका ना त खाली सीमा से लगल बा, बलुक राजनीति के ‘सीमारेखा’ भी यहीं खिंचत बा। राहुल गांधी के वोटर अधिकार यात्रा एही धरती पर धूल उड़ावत घूम रहल बा. खास बात ई बा कि इ यात्रा न केवल कांग्रेस खातिर, बलुक पूरा INDIA गठबंधन खातिर बड़ा दांव बन चुकल बा। वोटर लिस्ट से कटे 7 लाख नाम: “ई कौन सिस्टम ह भाई?” अब सुनिए असली मसला – स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर सीमांचल से…

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“तेलंगाना Vs तमिलनाडु: उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर दक्षिण का दंगल!”

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तारीख तो तय है – 9 सितंबर। लेकिन उससे पहले ही सियासत में बवाल तय है। इस बार मुकाबला सिर्फ इंडिया बनाम NDA नहीं है, बल्कि ‘राज्यीय अस्मिता’ बनाम ‘राजनीतिक गठबंधन’ भी है। सवाल ये नहीं कि कौन जीतेगा, सवाल ये है कि चंद्रबाबू नायडू और एमके स्टालिन किसे जिताना चाहेंगे, और क्यों? साउथ बनाम साउथ: जब चुनाव हो गया क्षेत्रीय pride का मुकाबला इंडिया गठबंधन ने मैदान में उतारे रिटायर्ड जज बी. सुदर्शन रेड्डी, मूलतः तेलंगाना (पुराना आंध्र) से। एनडीए ने चुना अनुभवी गवर्नर और…

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लखनऊ की ज़ुबान: सिर्फ नवाबों के शहर में बोले जाने वाले अलहदा शब्द

लखनऊ, जहां चाय से ज़्यादा “तशरीफ़” का महत्व है, और “क्या हाल है?” से पहले “हुज़ूर” लगा देना ज़रूरी समझा जाता है। यहां भाषा सिर्फ बातचीत का ज़रिया नहीं, बल्कि नवाबी ठाठ का एक अंग है। बक्का – जब कुछ पक्का से भी ज़्यादा पक्का हो! “Arey बक्का बता रहे हैं, भाई साहब!”यह शब्द सुनने में सीधा-सादा लगे, लेकिन लखनऊ में इसकी हैसियत शपथ से कम नहीं। बक्का मतलब – शुद्ध देसी, बिना मिलावट वाला ‘सच’। बच्चा बोले तो Cute, लखनवी बोले तो “बक्का कसम से!”  फट्टा – डर का…

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